गांव बीर बांगड़ा में 1971 युद्ध के वीर हवलदार महेंद्र सिंह राणा को अंतिम विदाई देते हुए पूर्व स
राजौंद। गांव बीर बांगड़ा के वीर सपूत, 5 राजपूत रेजीमेंट सी कंपनी के सेवानिवृत्त हवलदार महेंद्र सिंह राणा (74) का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे 1971 के भारत-पाक युद्ध के वीर सैनिकों में शामिल रहे और छम झोड़िया सेक्टर में दुश्मनों को कड़ी टक्कर देकर अपनी वीरता का परिचय दिया था। उन्होंने सेना में रहते हुए खेलों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। वे सर्विसेज बॉक्सिंग टीम के सक्रिय सदस्य रहे और अपनी रेजीमेंट का नाम रोशन किया। उनकी अंतिम यात्रा में पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन कैथल के सदस्य बड़ी संख्या में उनके पैतृक गांव पहुंचे और उनके निधन पर शोक जताया।
एसोसिएशन के प्रधान जगजीत फौजी के नेतृत्व में कैप्टन मुख्तार सिंह जांगड़ा, कैप्टन राजेंद्र सिंह राणा सहित कई पूर्व सैनिकों ने पार्थिव शरीर पर तिरंगा ओढ़ाकर उन्हें अंतिम सम्मान दिया। श्मशान घाट पर एसोसिएशन की ओर से पुष्प चक्र अर्पित किए गए। इस अवसर पर सूबेदार नाथा राम, सूबेदार ओमवीर सिंह (4 राजपूत), विंग कमांडर अशोक चौहान (अंबाला) सहित सैकड़ों ग्रामीणों व परिजनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। एसोसिएशन की ओर से तिरंगा उनके पुत्र विकास राणा को याद स्वरूप भेंट किया गया। इसके बाद उनके पुत्र विकास राणा ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। गांव के बुजुर्गों में यह चर्चा का विषय रहा कि 1971 युद्ध के दौरान कठिन परिस्थितियों के कारण जब वे कई माह बाद घर लौटे थे, तब सामाजिक रीति-रिवाज पूरे नहीं हो पाए थे। अब 54 वर्ष बाद वे सभी परंपराएं पूर्ण की जाएंगी। संवाद