संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा और फल्गु मंदिर सुधार समिति के संयुक्त तत्वावधान में फल्गु तीर्थ पर तीन दिवसीय लोककला महोत्सव का आयोजन किया गया। पहले दिन हरियाणवी लोकनृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ. चंद्र त्रिखा, मुख्य अतिथि पूंडरी विधायक सतपाल जांबा, हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के सदस्य सचिव मनजीत सिंह अध्यक्ष और विशिष्ट अतिथि रामबीर सिंह “राम” व
समाजसेवी विकास गर्ग ने दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों और कलाकारों का स्वागत फूल माला, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह से किया गया।
लोकनृत्य कार्यक्रम की शुरुआत मुकेश ने गणेश वंदना से की। इसके बाद कपिल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। सत्यवान और सोनी ने कुए की पनिहारी गीत पर लोकनृत्य किया। सीमा, कोमल, गगनदीप, नीलम और मोनिका ने हरियाणवी लोकगीत “मेरा दामण सिमादे” पर नृत्य किया। इसके अलावा “छोरा मैं हरियाने का”, “सुसरा जी ल्यादे ऊंटनी”, “मेरे दामण पै दो सर्प” और हरियाणवी फाग जैसी प्रस्तुतियां हुईं। विशेष आमंत्रित कलाकार सीमा वत्स ने “काला-काला कहे गुजरी” पर शानदार प्रस्तुति दी।
लोक गायक बलराज ने अपनी टीम के साथ हरियाणवी लोकनृत्य और गीत “जर-जोरू और जमीन”, “कहकै उलटा नहीं फिरूंगा” और “आजादी की हां भरै तै” प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। सभी प्रस्तुतियां संस्कृति, देशभक्ति और सामाजिक चेतना से ओत-प्रोत रही।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. चंद्र त्रिखा ने आयोजन के लिए कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा और फल्गु मंदिर सुधार समिति को साधुवाद दिया। पूंडरी विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि हरियाणा सरकार सांस्कृतिक संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे आयोजन भविष्य में भी होंगे। अध्यक्ष मनजीत सिंह ने कलाकारों की सराहना की और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम का संचालन कपिल वर्मा ने किया। कार्यक्रम में संजीव राणा, मनोज राणा आदि उपस्थित रहे।