हरियाणा के कैथल में चुनाव आयोग की ओर से इस बार 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को घर पर ही मतदान कराने का फैसला लिया गया है। इसके तहत 17 और 18 मई को जिले में प्रशासन ने बैलेट पेपर के माध्यम से वोट डलवाए थे। इस प्रक्रिया के दौरान आप के शिक्षा प्रकोष्ठ के राज्य उपाध्यक्ष सतबीर ने अपनी टीम सहित पहुंच गांव कुतुबपुर में घर पर वोट डलवाने गई टीम पर मतपेटी को सील न करने का आरोप लगाया था।
इन आरोपों के बाद आप के कार्यकर्ताओं की ओर से मौके पर जमकर विरोध भी किया गया था। इस विरोध के बाद अब पुलिस ने सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं उपमंडल अधिकारी सुशील कुमार की शिकायत के आधार पर सतबीर पर सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में सोमवार को आप के वरिष्ठ राज्य उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने अंबाला रोड स्थित चुनाव कार्यालय में पहुंचकर प्रेसवार्ता की और प्रशासन पर भाजपा का साथ देने का आरोप लगाया है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा के दबाव में आकर पहले प्रशासन ने आम आदमी पार्टी को रैली करने की परमिशन नहीं दी। उस दौरान रैली की परमिशन के जवाब में गालियां मिलीं। अब जब चुनाव की बैलेट पेपर की मतदान प्रक्रिया के तहत मतपेटी पर सील न होने पर विरोध जताया गया तो उल्टा आप नेता पर ही केस दर्ज करा दिया गया।
ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी ही उम्मीदवार बनकर आप के सामने लड़ रहे हैं। यही नहीं चुनाव आयोग भी आम आदमी पार्टी के खिलाफ एक उम्मीदवार बनकर खड़ा हो गया है। अभी तक की परंपरा के मुताबिक यदि चुनाव आयोग को उसकी किसी कमी के बारे में आगाह किया जाए तो उस प्रक्रिया में तुरंत सुधार किया जाता था।
अब उल्टे शिकायत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बैलेट मतपत्रों के जरिए वोटिंग हुई थी तो हमने कहा था कि इस बैलेट बॉक्स पर कोई सील नहीं लगी है। उसके बदले में चुनाव आयोग ने बैलेट बॉक्स का वीडियो बनाने वाले मास्टर सतबीर गोयत के खिलाफ एक केस दर्ज कर दिया।
आयोग बताए कि यदि इस बैलेट बॉक्स पर सील नहीं लगी है तो ये गलती सतबीर गोयत की है या चुनाव आयोग की। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत वे केंद्रीय चुनाव आयोग को भी देंगे। वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी से पूछना चाहते हैं कि क्या कैथल के चुनाव अधिकारी सीईओ हरियाणा के निर्देशों का पालन कर रहे हैं या अपनी मनमर्जी से चुनाव को चला रहे हैं। जिस तरीके से कैथल के चुनाव अधिकारी काम कर रहे हैं तो उससे पूरे कैथल के वोटरों में आक्रोश है।
यह बोले सहायक रिटर्निंग अधिकारी
एसडीएम एवं कैथल विधानसभा के सहायक रिटर्निंग अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि गत 17 मई को चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशानुसार 85 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों एवं 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग मतदाताओं के पोस्टल बैलेट पेपर के माध्यम से टीमें गठित करके घर पर वोट डलवाने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही थी। इसमें पोलिंग पार्टी नंबर-4 के अधिकारियों व कर्मचारियों ने लिखित रूप से एआरओ को शिकायत दी है कि गांव कुतबपुर में बूथ नंबर-79 के वोट संख्या चार को डलवाने की प्रक्रिया के दौरान सतबीर गोयत नामक व्यक्ति ने इस चुनावी प्रक्रिया पर ऐतराज जताया कि टीम ने स्टील बैलेट बॉक्स पर सील नहीं लगाई है और जिस लिफाफे में वोट डाला है, उसको भी सील नहीं किया है।
इस प्रकार वोट को कोई भी चोरी कर सकता है। इस दौरान संबंधित व्यक्ति ने स्वयं द्वारा किए जा रहे विरोध की वीडियोग्राफी भी करवाई। आरोप है कि सतबीर ने लोगों को प्रशासन और चुनाव प्रक्रिया के प्रति उकसाने का काम किया है और सरकारी कार्य में बाधा डाली है। जिसकी वजह से गांव वालों ने पोलिंग पार्टी को शेष दो वोट डालने से मना कर दिया और पोलिंग पार्टी को मारने-पीटने की धमकी देकर गांव से बाहर कर दिया। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई, जिस पर सतबीर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मतदान करने की प्रक्रिया आयोग की हिदायत के अनुसार सुनिश्चित की गई है। वोटिंग के दौरान पूरी गोपनीयता रखी गई है व वोटिंग प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई गई है। आयोग ने बैलेट बॉक्स की सीलिंग के बारे में कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं।