कलायत, कैथल। सड़क हादसे में खरक पांडवा गांव निवासी पति-पत्नी और बेटी की मौत हो गई, जबकि बेटा भी गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा मध्यप्रदेश में सागर जिले के खुरई गांव के पास शुक्रवार की शाम हुआ, जब खड़े ट्रक में बेकाबू कार जा घुसी। हादसे का कारण प्रथमदृष्टया कार के टायर का फटना बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही गांव से परिजन एमपी के लिए रवाना हो गए थे। रविवार को परिजन शवों को लेकर तड़के गांव में पहुंचे जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मृतक के भाई संदीप ने बताया कि उनका भाई सम्मत सिंह छत्तीसगढ़ के रायपुर में व्यवसाय करता था। शुक्रवार की शाम को बरोदिया कलां पुलिस चौकी को सूचना मिली कि सागर जिले के गांव खुरई में एक कार खड़े ट्रक के नीचे जा घुसी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रक के नीचे घुसी कार में फंसे लोगों को बचाने के लिए जेसीबी मशीन तक की सहायता ली। इसके बाद कार में फंसे लोगों को जब बाहर निकाला गया तो सम्मत सिंह, उनकी पत्नी सविता सहारण की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं गंभीर रूप से घायल बेटी एकता और बेटे सन्नी को मालथौन अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एकता की भी मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल सन्नी को सिविल अस्पताल में रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार, कार का टायर फटने से कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हुई है। सम्मत सहारण अपने परिवार के साथ अपने गांव रामगढ़ पांडवा आ रहा था। इसी बीच परिवार सड़क हादसे का शिकार हो गया। मृतक सम्मत के भाई ने बताया कि सारी कार्यवाही पूरी करवा कर वे शवों को लेकर तड़के गांव में पहुंचे और उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
हादसे से पहले फेसबुक पेज पर लाइव था परिवार
हादसे से पहले एक घंटा 17 मिनट व तीन सेकेंड तक सम्मत सहारण की पत्नी सविता अपने फेस बुक पेज से लाइव चलीं। लाइव के दौरान पत्नी मुख्य रूप से बातचीत कर रही थीं। जबकि पति अपनी पत्नी के माध्यम से फेसबुक पर परिचितोंं से जुड़ रहे थे।
गांव में पसरा मातम, किसी घर में नहीं जला चूल्हा
हादसे में पति-पत्नी और बेटी की मौत के बाद रविवार को सुबह शव खरक पांडवा गांव पहुंचा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। हादसे से न केवल परिजनों बल्कि पूरे गांव में मातम पसरा रहा। अशोक सहारण, सतीश, रोहताश, मृतक के दादा भीरा प्रधान ने बताया कि पूरे गांव में शोक की लहर है। गांव के किसी भी घर में रविवार को चूल्हा तक नहीं जला। अशोक सहारण ने बताया की वर्ष 1999 में सम्मत व्यापार के लिए रायगढ़ गया था। बहुत ही कम समय में उसने अपने व्यापार को व्यापक स्तर पर विस्तार दिया और गांव में खेती के लिए भूमि भी खरीदी। अनेक राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों ने मृतकों को अपनी श्रद्धांजलि देकर परिजनों को सांत्वना दी है।