संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। क्लासर गांव की प्रगतिशील महिला किसान पूजा आर्या आज क्षेत्र की उन चुनिंदा महिलाओं में शुमार हैं, जिन्होंने घर की चहारदीवारी से निकलकर मेहनत से न केवल अपनी किस्मत बदली बल्कि समाज के लिए एक मिसाल पेश की। मुश्किल परिस्थितियों से निकलकर पूजा आज सालाना 25 से 30 लाख रुपये तक की कमाई कर रही हैं।
पूजा के पास मात्र चार एकड़ जमीन है, जिस पर वह अपने पति के साथ मिलकर नेट फार्मिंग कर रही हैं। आज उनका नाम उन किसानों में शामिल है, जिन्होंने उन्नत तकनीक अपनाकर खेती को लाभकारी बना दिया है।
कभी दिहाड़ी-मजदूरी करती थीं, आज नेट हाउस की मालकिन
पूजा बताती हैं कि कुछ वर्ष पहले तक परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। जमीन कम होने के कारण पति दिहाड़ी पर जाते थे और पूजा घरेलू कार्यों में लगी रहती थीं। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया था।
इसी दौरान उनके पति ने नेट फार्मिंग के बारे में बताया। दोनों ने अपनी जमीन पर नेट लगाने का निर्णय लिया और खीरा सहित अन्य सब्जियों की खेती शुरू की। शुरुआत आसान नहीं थी। प्रशिक्षण के लिए उन्हें कृषि विज्ञान केंद्र, कैथल व अन्य संस्थानों में जाना पड़ता था।
12वीं पास पूजा बनी प्रेरणा, कई मंचों पर हो चुकीं सम्मानित
पूजा ने केवल 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है। जब वह प्रशिक्षण लेने शहर जाती थीं तो लोग ताने मारते थे लेकिन आज उनकी सफलता वही ताने देने वालों के लिए जवाब बन चुकी है।
पूजा न केवल नेट हाउस में काम करती हैं बल्कि पशुपालन भी स्वंय संभालती हैं। कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए वह राज्यपाल, मुख्यमंत्री और जिला स्तर पर कई मंचों में सम्मानित हो चुकी हैं।
2019 में शुरुआत, आज तीन नेट हाउस
पूजा ने 2019 में नेट फार्मिंग शुरू की थी। उस समय परिवार के पास बैंक खाता तक नहीं था। सरकारी योजनाओं के तहत मुफ्त प्रशिक्षण मिलने की सूचना पर उन्होंने इसे अपनाया। शुरुआत में केवल एक नेट हाउस लगाया गया था, लेकिन आज पूजा के पास तीन नेट हाउस हैं। आमदनी भी लगातार बढ़ रही है। यहाँ उगाए गए खीरे की मांग हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और बीकानेर तक की मंडियों में है। आढ़तियों से बात कर वह सीधे ट्रॉली भेज देती हैं और पेमेंट उनके खाते में आ जाती है।
अपने खेत में काम करते हुए पूजा आर्या।- फोटो : photo