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हर-हर महादेव : सोमवार से शुरू होगा श्रावण, 72 साल बाद बना दुर्लभ संयोग

Sat, 20 Jul 2024 05:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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राजिंद्र तंवर
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कैथल। श्रावण का महीना 22 जुलाई यानि सोमवार से शुरू हो रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीतियोग और आयुष्मान तीन योग बन रहे हैं। इस बार श्रावण के महीने में पांच सोमवार पड़ रहे हैं। श्रावण का समापन 19 अगस्त सोमवार को ही होगा। ऐसे में यह महीना श्रद्धालुओं के लिए शुभ रहेगा। शास्त्रों के अनुसार जब भी श्रावण माह में पांच सोमवार होते तो लोगों का कल्याण होता है।

शहर के प्राचीन श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर के पुजारी मुनेंद्र मिश्रा ने बताया कि इस साल सावन माह में करीब 72 साल बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस साल कुल पांच सावन सोमवार पड़ रहे है। इसके साथ ही सावन माह के दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, रवि योग बन रहा है। इसके साथ ही ग्रहों की स्थिति के कारण कुबेर योग, मंगल-गुरु युति, शुक्रादित्य योग, बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण योग, गजकेसरी योग , शश राजयोगों जैसे योग बन रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि श्रावण के माह में महाभारत कालीन प्राचीन श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर में सभी पांच सोमवार को भगवान शिव का रूद्राभिषेक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी भक्त श्रावण में इस मंदिर में आकर भगवान शिव का जलाभिषेक करें। मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव की प्रसन्नता के लिए रूद्राभिषेक कराना चहिए। भगवान रूद्र का अभिषेक यानि शिव को स्नान करना है क्यों कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सभी देवताओं की आत्मा में भगवान सदाशिव रूद्र विराजमान है। इनकी पूजा करने से सभी देवताओं की पूजा हो जाती है। भगवान भोलेनाथ महाकाल हैं। मात्र उनकी पूजा से अकाल मृत्यु का संकट दूर हो जाता है।

भगवान भोलेनाथ की प्रसन्नता के लिए रुद्राभिषेक विभिन्न प्रकार से किया जाता हैं। जैसे की शिक्षा के लिए जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं वे गाय के दूध व मिश्री से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें। जिसे रोजगार व लक्ष्मी की प्राप्ति चाहिए, वह गन्ने के रस के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।

मिश्रा ने बताया कि श्रावण माह में मंदिर में काल सर्प दोष की विशेष पूजा भी करवाई जाती है। जैसे बहुत से भक्तों की कुंडली में काल सर्प दोष होता है तो उसके निवारण के लिए यह पूजा करवाई जाती है। यह पूजा श्रावण की शुक्ल पक्ष इक्कम से पंचमी तक करवाई जाती है।

उन्होंने कहा कि जिस दिन पंचमी होती है उसे नाग पंचमी का पर्व भी कहा जाता है। इसी दिन मंदिर परिसर में भक्तों के लिए विशेष पूजा करवाई जाती है। मिश्रा ने कहा बताया कि वैसे तो श्रावण महीने की सभी तीस तिथियां व्रत योग्य है। इस व्रत का ये ही विधान है कि भक्त इसमें एक बार मीठे के साथ भोजन कर सकते हैं।

कोई भक्त व्रत के दिन एक बार दूध का सेवन कर सकता है। कोई भक्त व्रत के दिन फल खा सकते हैं। श्रावण के महीन में जो भी भक्त मंदिर पूजा अर्चना व जलाभिषेक करता है उसके मन की ईच्छा पूर्ण होती है ओर वह भगवान शिव से मनवांछित फल पाता है। उन्होंने कहा कि श्रावण के महीने में भक्तों के लिए विशेष सुविधाएं दी जा रहीं हैं।
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मंदिर सभा के प्रधान विनोद मित्तल न बताया कि श्रावण के महीने में विशेषकर कावडिय़ों के लिए श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर सभा कांवडि़यों के लिए हर साल की तरह इस बार भी सुविधाएं उपलब्ध करा रही ै। उनके ठहरने, आराम करने, नहाने व भंडारा लगाया जाएगा। रेडक्रॉस सोसायटी हरियाणा के महासचिव डॉ. मुकेश अग्रवाल के मुताबिक, शिवरात्रि तक रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से फर्स्ड एड शिविर लगाया जाएगा।

ये हैं सोमवार को तिथियां

पहला सोमवार
22 जुलाई

दूसरा सोमवार
29 जुलाई

तीसरा सोमवार
05 अगस्त

चौथा सोमवार
12 अगस्त

पांचवां सोमवार
19 अगस्त
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