संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में पिछले एक साल से हैप्पी कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं, जिससे हजारों लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2024 के मार्च में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक दो लाख 26 हजार 300 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, लेकिन इनमें से केवल 1.58 लाख कार्ड ही वितरित किए गए हैं।
वहीं, 3300 तैयार कार्ड अभी भी वितरण की प्रतीक्षा में हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पिछले साल अक्तूबर में विधानसभा चुनाव के बाद आए 65 हजार नए आवेदनों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
बैंक पर फोड़ा ठीकरा ः इस देरी को लेकर परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हैप्पी कार्ड बनाने का जिम्मा जिस बैंक को सौंपा गया है, वहीं से प्रक्रिया में देरी हो रही है।
बस स्टैंड के यातायात प्रबंधक वीरेंद्र स्वामी ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया तो लगातार जारी है, लेकिन बैंक द्वारा कार्ड जारी न किए जाने के कारण वितरण अटका हुआ है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचित कर पत्राचार किया जा चुका है।
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले वर्ष अगस्त में विधानसभा चुनावों की आचार संहिता लगने के बाद हैप्पी कार्ड निर्माण की प्रक्रिया रोक दी गई थी, जो अब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई है। लाभार्थियों का कहना है कि कार्ड नियमानुसार एक महीने में बनकर मिलने चाहिए, लेकिन महीनों इंतजार के बावजूद भी कार्ड नहीं मिल रहे हैं।
लोगों को हो रही परेशानी ः योजना का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों को रियायत देना था, लेकिन कार्ड न बनने के कारण वे इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। लाभार्थियों को अपने कार्ड का कोई अपडेट नहीं मिल रहा, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।एक साल से नहीं बन रहे हैप्पी कार्ड, 65 हजार आवेदक इंतजार में
यह है योजना
प्रदेश सरकार ने पिछले साल मार्च में ही एक लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों के लिए हरियाणा रोडवेज में निशुल्क यात्रा देने की योजना शुरू की थी। इसके तहत जिले के करीब दो लाख परिवारों को लाभ मिलना है। इसमें लाभार्थी परिवार रोडवेज की सामान्य बसों में सालाना एक हजार किलोमीटर तक निशुल्क सफर कर पाएंगे। योजना के लाभार्थी परिवारों को एक स्मार्ट कार्ड बनाकर दिया गया है। इस कार्ड के माध्यम से ही वे रोडवेज की बसों में सफर तय कर पा रहे हैं। यह रोडवेज में परिचालकों की ओर से प्रयोग की जा रही ई-टिकटिंग मशीनों से जुड़ा है।