संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ग्योंग गांव के खिलाड़ी राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पदक जीतकर गांव का नाम रोशन कर चुके हैं लेकिन आज तक यहां सरकारी
स्टेडियम न बनने के कारण खिलाड़ियों में निराशा है। बावजूद इसके वे अपने स्तर पर बनाए गए छोटे स्टेडियम में ही अभ्यास कर रहे हैं।
खिलाड़ियों का कहना है कि सुविधाओं की कमी के बावजूद उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन सरकारी स्टेडियम न होने से आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा है। गांव के सैकड़ों खिलाड़ी रोजाना कबड्डी, खो-खो, हैंडबॉल समेत विभिन्न खेलों में अभ्यास करते हैं, मगर सुविधाओं के अभाव में हौसला कमजोर पड़ रहा है।
गौरतलब है कि ग्योंग गांव से अब तक कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल चुके हैं। गांव की पंचायत और युवाओं ने कई बार खेल विभाग को पत्र लिखकर स्टेडियम की मांग की है, लेकिन आज तक यह मांग अधूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि गांव में राजीव गांधी या किसी अन्य नाम से आधुनिक खेल स्टेडियम बनाया जाए ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के और भी खिलाड़ी सामने आ सकें।
शिक्षा विभाग में डीपीई अनिल दलाल ने बताया कि गांव में कबड्डी, हैंडबाल और खो-खो के सबसे अधिक खिलाड़ी हैं। युवाओं की पहल पर हर साल गांव में प्रदेश स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं और विजेता टीमों को सम्मानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि गांव में खेल स्टेडियम की भारी कमी है। इसको लेकर कई बार खेल विभाग और सरकार को मांग पत्र भेजे जा चुके हैं। उम्मीद है कि जल्द ही ग्योंग गांव के खिलाड़ियों को सरकारी स्टेडियम की सौगात मिलेगी।