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Kaithal News: जिलेभर में धूमधाम से मनाई गुरु रविदास की जयंती

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कैथल। जिलेभर में बुधवार को गुरु रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर विभिन्न जगहों पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में गुरु रविदास के दिखाए गए मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। इसी कड़ी में प्रताप गेट स्थित गुरु रविदास धर्मशाला में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सुबह के समय हवन किया गया और दोपहर को भंडारा लगाया गया। संवाद
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वहीं, आइजी महिला महाविद्यालय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक समिति के प्रधान रामबहादुर खुरानिया ने गुरु रविदास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण से किया गया। इसके बाद कॉलेज प्राचार्या डॉ. आरती गर्ग व सांयकालीन प्राचार्या प्रभारी श्वेता तंवर ने रविदास को उनकी जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कॉलेज की छात्राओं ने भाषण व कविताओं के माध्यम से उनको याद करते हुए उनके जीवन पर प्रकाश डाला। प्रबंधक समिति के प्रधान रामबहादुर खुरानिया ने कहा कि गुरु रविदास प्रसिद्ध कवि व समाज सुधारक थे, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज में भेदभाव को दूर करने के अथक प्रयास किए है । उनको सम्मान देने के लिए हम सभी को उनके उपदेशों का पालन करना चाहिए। सायंकालीन प्रिंसिपल इंचार्ज श्वेता तंवर व हिंदीविभाग से प्रो. हेमलता व प्रो. दीपा ने सभी को उनके जीवनकाल से परिचित करवाया। इस मौके पर महाविद्यालय में डॉ. अलका गोयल , प्रो. सुदेश, प्रो. प्रियंका बिंदलिश, प्रो. श्वेता व प्रो.रेनू शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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वहीं, संत शिरोमणि गुरु रविदास की 648वीं जयंती के अवसर पर नरड में आयोजित हवन और भंडारे में किसान यूनियन कमेरा वर्ग की टीम शामिल हुई। किसान यूनियन के सदस्यों ने कहा कि वे महान संत व समाज सुधारक गुरु शिरोमणि रविदास की जयंती पर नमन करते हैं। महाबीर चहल नरड़ ने कहा कि रविदास ने साधु-संतों की संगति से ज्ञान प्राप्त किया था। इतिहासकारों का मानना है कि संत रविदास का कोई गुरु नहीं था। उन्होंने अपनी कविताओं और उपदेशों के माध्यम से समाज में एक नए युग की शुरुआत की।

चीका में धूमधाम से मनाया संत रविदास प्रकाशोत्सव
गुहला-चीका। सिनेमा रोड स्थित बुधवार को रविदास मंदिर चीका परिसर में 648वां संत शिरोमणि रविदास प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर की भव्य सजावट की गई थी। जयंती समारोह का संचालन मास्टर नैब ने किया। कार्यक्रम में गांव व शहर के सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने संत रविदास मंदिर में पूजा-अर्चना की और उनकी शिक्षाओं और आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जयंती समारोह के दौरान महिलाओं ने भजन गाकर कर संत रविदास को याद किया।
मदनलाल निबरानिया ने कहा कि फलक से उतरा एक सितारा फलक में समा गया ऊंच नीच का भेद मिटा कर, आसमां में समा गया । उन्होंने कहा कि संत शिरोमणी ने समाज को एकता के सूत्र में बांधने के लिए और जाति पाती से ऊपर उठकर समता मूलक समाज के निर्माण के लिए जो संदेश दिया इसे आज की युवा पीढ़ी को आत्मसात करने की आवश्यकता है। क्योंकि समाज बचेगा तभी देश बचेगा।
उन्होंने कहा कि हम सभी को संत रविदास द्वारा बताए गए मार्ग पर चलना चाहिए तभी जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि रविदास एक महान समाज-सुधारक थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रविदास मंदिर सभा के वरिष्ठ सदस्य मदनलाल निबरानिया ने की। इस मौके पर रिटायर्ड कानूनगो लाभ सिंह, मंदिर सेवक राकेश रंगा उर्फ केशा, मियां निबरानिया, नैब रंगा, बलवान सिंह, जस्सी रंगा, सोना रंगा, महेन्द्र रंगा, जसमेर भी मौजूद रहे। संवाद
संत शिरोमणि गुुरु रविदास जयंती महोत्सव पर धार्मिक कार्यक्रमों की रही धूम
कलायत। कलायत के शहरी एवं ग्रामीण अंचल में संत शिरोमणि गुुरु रविदास जयंती महोत्सव पर धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही। बड़ी संख्या में महिलाओं, बड़े-बुजुर्ग, युवा व बच्चों ने मंदिरों में उत्साह एवं उमंग के साथ गुरु रविदास जी को वंदन किया। कलायत मेंं श्री रैदास तख्त हरियाणा परिसर मेंं विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इसकी शुरूआत श्री तख्त के मुख्य मंहत गुरुप्रसाद ने हवन से की। उपरांत श्री तख्त प्रबंध कमेटी प्रधान डाॅ. प्रीतम कौलेखां की मौजूदगी में गुरु घर में विश्व शांति के लिए वंदना हुई। इसके माध्यम से आपसी सौहार्द एवं भाईचारा की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही गुरु रविदास के दिखाए गए रास्तों पर चलने की प्रेरणा ली।
रामकुमार धानियां, राजेश जेष्ठ, सुभाष धानियां, मा. धर्मपाल जेष्ठ, लखी राम ब्राहमणिया, योगाचार्य गुलाब सिंह, शक्ति सिंह दहिया, ईश्वर गिल, शमशेर सिंह, सुलतान ङ्क्षसह, लखपत पातलान, राकेश ब्राहमणियां, विकास सरीन, कुलदीप सिंह, रणधीर सिंह, रोहताश कुमार, सुरेंद्र कुमार, अजय कुमार, लोक गायक कृष्ण कुमार और दूसरे श्रद्धालुओं ने कहा कि भक्ति आंदोलन प्रवर्तक संत शिरोमणि गुरु रविदास ने अपनी शिक्षाओं के जरिये समाज को जगाया।
डाॅ. प्रीतम कौलेखां ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के संदेश सभी वर्गों को मेल मिलाप से रहने को प्रेरित करते हैं। गुरु जी ने सर्व समाज के कल्याण की कामना की है। महा पुरुषों की सोच का संचार जन-जन में मजबूती से करने के लक्ष्य को लेकर ही कलायत में राज्य स्तर पर श्री रैदास तख्त को विकसित करते हुए जागृति की अलख जगाई जा रही है। कलायत मेंं श्री रैदास तख्त परिसर मेंं जयंती महोत्सव के दौरान भंडारे का आयोजन हुआ। इसके साथ ही सजूमा रोड पर अलग-अलग क्षेत्रों से आए दुकानदारोंं ने स्टाल सजाए। संवाद
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