कैथल। जींद जिले से सटा गुलियाणा गांव फौजियों के गांव से जाना जाता है। इस गांव की दो हजार की आबादी में 100 से अधिक युवा फौज में है। यहां हर तीसरे घर में फौजी है। वर्तमान हालातों में युवाओं में दोबारा फौज में जाने का उत्साह बढ़ रहा है। यहां पर नशे पर भी पूरा प्रतिबंध है और गांव में शराब का कोई ठेका नहीं है।
गुलियाणा गांव जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर स्थित है। इस गांव में पिछले 10 साल में 200 से ज्यादा युवाओं ने सरकारी नौकरियां हासिल कीं हैं। गांव में डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया था। युवाओं ने डीजे पर प्रतिबंध की बात तो मान ली, लेकिन अपनी भी बात रखी और कहा कि गांव में शराब भी नहीं बिकेगी, जिसे पूरे गांव ने स्वीकार कर लिया।
यहां वर्ष 2018 फैसला लिया गया कि कोई अपने घर बैठकर शराब पीना चाहे तो पी सकता है, लेकिन शराब पीकर हुड़दंग नहीं मचाएगा। गांव में न तो शराब बिकेगी और न ही दो बोतल से अधिक कोई शराब लेकर चलेगा। शुरू में लगभग 12 लोगों को 11 हजार रुपये का जुर्माना भी हुआ। इसी बीच सेना में काम कर रहे युवाओं ने बेरोजगार युवाओं को ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी।
बिना किसी सरकारी सहायता के गांव की खाली पड़ी जमीन में 24 घंटे, हर तरह के मौसम में व सुबह, शाम, रात, दोपहर को युवाओं को भर्ती के लिए कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। प्रशिक्षण अभियान से जुड़े युवा मजेंद्र सिंह, आनंद राविश ने बताया कि 10 साल में 200 से अधिक युवा नौकरी हासिल कर चुके हैं।
स्टेडियम की कर रहे हैं मांग
इस गांव के युवाओं की एक ही मांग है कि जब वे अपने स्तर पर इतनी नौकरियां हासिल कर सकते हैं तो यहां स्टेडियम बन जाए तो सफलता की दर ओर अधिक बढ़ जाएगी। गांव के एक निवासी राजनारायण डायरेक्ट आईएएस भी चयनित हुए हैं। साथ ही कई बड़े अधिकारी कई विभागों में कार्यरत हैं।
शराब बिक्री बंद हुई तो बंद हो गए झगड़े
सरपंच सुखदेव सिंह ने बताया कि शराब की बिक्री, डीजे बजाने पर आज भी प्रतिबंध है। युवाओं का रुझान खुद ही नौकरियों की ओर बढ़ा है। युवा जब-जब किसी मदद को कहते हैं तो पंचायत इसके लिए तैयार रहती है। पिछले पांच-छह सालों में एक भी ऐसा मामला नहीं आया, जिसमें किसी ने शराब पीकर झगड़ा किया हो। एसएचओ राजौंद रामकुमार का कहना है कि गांव गुलियाणा पूरी तरह से शांतिप्रिय गांव है। इस गांव में अपराध के संबंध में केस ना के बराबर दर्ज हैं। छोटे-मोटे झगड़े गांव में ही निपट जाते हैं।
ये हैं गांव के सर्वसम्मति से लिए गए फैसले
शादियों में डीजे पर प्रतिबंध, डीजे बजाने पर 11000 रुपये जुर्माना। गांव की हद में शराब बिक्री पर रोक, 2 बोतल से अधिक शराब कोई लेकर नहीं चल सकता-शराब बेचते हुए पाए जाने पर 11000 हजार रुपये जुर्माना है। शराब पीकर गांव में चिल्लाने व झगड़ा करने पर 2100 रुपये जुर्माना है। गांव में लाउडस्पीकर व किसी भी माध्यम से ऊंची आवाज में गाने बजाने पर 2100 रुपये, म्यूजिक सिस्टम लगाकर ऊंची आवाज में सामान बेचने वाले फेरी वालों को पहली बार में छूट, दूसरी बार में 2100 रुपये जुर्माना लगाया जाता है।