गुहला-चीका। गुहला के घग्गर पार के गांव सौगुलपुर से बोपुर की दूरी मात्र ढाई कोस है, लेकिन वहां तक पहुंचने में दो घंटे से अधिक का समय लगता है। इसके लिए ग्रामीणों को 30 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुहला के सड़कों को बाढ़ ने
बुरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इससे उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं।
गुहला मुख्यालय से गांव कसौली की दूरी मात्र दस किलो मीटर है, लेकिन कसौली के ग्रामीणों को गुहला तक पहुंचने के लिए वाया पपराला, सिहाली, रत्ताखेड़ा, भूंसला, भागल से होते हुए 30 से 35 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। अरनौली की तरफ घग्गर पार क्षेत्र में गुहला के एक दर्जन गांव पड़ते हैं। इन सभी गांवों के लोगों को ब्लाक मुख्यालय तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सरकारी या निजी बस सेवा ना होने के चलते लोगों को अपने वाहनों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा हैं।
लोगों की परेशानी की मुख्य वजह गांव बोपुर के पास सड़क का बड़ा हिस्सा बाढ़ में बह जाना है और विभाग अभी तक इस सड़क को दुरुस्त नहीं कर पाया है। बाढ़ के दौरान सुर्खियों में आए गांव भाटिया की दूरी भी उपमंडल मुख्यालय से मात्र आठ किलोमीटर है लेकिन भाटिया के ग्रामीणों को भी पंजाब के शहर समाना से होते हुए लगभग 35 किलोमीटर की दूरी तय कर गुहला पहुंचना पड़ रहा है।
गांव पपराला के सरपंच पुनीत कुमार बबल, कसौली के पूर्व सरपंच जंगीर सिंह, संतोख सिंह कसौली, निर्मल जीत सिंह, रघबीर सिंह पपराला, सुखविंद्र सिंह गगड़पुर ने बताया कि पिछले दिनों आई बाढ़ ने गुहला क्षेत्र के सडक़ तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि घग्गर पार क्षेत्र के दो दर्जन सिंह अधिक गांवों को जाने वाली सभी सड़कें पानी में बह गई हैं। गांव कसौली में निजी स्कूल चला रहे सुमित सिंगला ने बताया कि उनके स्कूल से बोपुर की दूरी मात्र दो किलोमीटर है, लेकिन इस गांव के बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए उन्हें 30 किलो मीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है।
बाढ़ के चलते गुहला क्षेत्र की लगभग तीन दर्जन सड़कें पानी में बह गई हैं। कई सड़कों में बड़े बड़े कटाव और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इनकी मरम्मत के लिए सरकार से बजट मांगा गया है। विभाग अपने स्तर पर भी कटों को भरने में जुटा है। जैसे ही पानी बहना बंद होता है वैसे ही सभी कटों को भर मार्गों को बहाल कर दिया जाएगा। -राकेश तोमर, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी गुहला।