कैथल। 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार किए गए गुहला थाना एसएचओ रामपाल को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने शनिवार को कोर्ट में पेश किया। इससे पूर्व एसएचओ से प्रारंभिक पूछताछ की गई। अब एसएचओ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एसीबी कैथल इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए आरोपी थाना प्रभारी के दस्तावेज ले लिए हैं। उन दस्तावेजों के आधार पर मामले की आगामी जांच की जाएगी।
यह है मामला
शुक्रवार की शाम गुहला के थाना प्रभारी रामपाल को मारपीट का मामला रद्द करने की एवज में 30 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ काबू किया था। टीम ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी इस केस में 20 हजार की राशि पहले ही ले चुका था। इस संबंध में एसीबी को चीका के शिकायतकर्ता ओमप्रकाश ने शिकायत दी थी कि उसके खिलाफ एक मारपीट का मामला दर्ज करवाया गया था।
मामले को रद्द करने को लेकर गुहला के थाना प्रभारी रामपाल ने उससे 50 हजार की मांग की। उसने बताया कि वह थाना प्रभारी को इससे पूर्व 20 हजार की राशि दे चुका है। इसके बाद आरोपी ने 30 हजार और देने की मांग की। एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रभारी सूबे सिंह सैनी ने बताया कि आरोपी थाना प्रभारी को रंगेहाथ काबू करने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता वरूण कंसल को डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था