संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी, गुहला-चीका। महर्षि वाल्मीकि जयंती को लेकर बुधवार को शहर के प्रमुख मार्गों से शोभा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा पाई गेट पूंडरी से शुरु होकर पूरे पूंडरी शहर में यात्रा निकलने के बाद वाल्मीकि मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। शोभा यात्रा समस्त वाल्मीकि समाज के बैनर तले निकाली गई।
बाद में कार्यक्रम स्थल पर हवन पूजन आरती के बाद भंडारा भी रखा गया। इसमें वाल्मीकि समाज के लोगों ने परिवार सहित हिस्सा लिया। इस शोभायात्रा में आगे-आगे नगर के बैंड,पंजाब के ढोल चल रहे थे ।
एक घोड़ा बग्घी में महर्षि वाल्मीकि महाराज की झांकी, सीता राम की झाकियां सहित अन्य झाकियां रही। इस शोभायात्रा पर नगरवासियों ने जगह-जगह फूल बरसाकर स्वागत किया। इस मौके पर प्रधान राजेश वाल्मिकी, पूर्व पार्षद रितु मचल, पूर्व पार्षद जोगेंद्र, कृष्ण वाल्मिकी, अनिल वाल्मिकी, शम्मी, भारत, शीशपाल व नरेश मचल सहित गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
कोहिनूर अकादमी टटियाना में श्रद्धा से मनाई महर्षि वाल्मीकि जयंतीफोटो नंबर-34
उधर, चीका में कोहिनूर शिक्षण संस्थान की ओर से संचालित कोहिनूर इंटरनेशनल अकादमी महर्षि वाल्मीकि जयंती की पूर्व संध्या पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ हिंदी व अंग्रेजी में भाषण से किया गया।
बच्चों को शरद पूर्णिमा और महर्षि वाल्मीकि जयंती के महत्व से अवगत करवाते हुए बताया कि शरद पूर्णिमा पर खीर खाने का बहुत महत्व है। महर्षि वाल्मीकि भगवान श्री राम के पुत्र लव और कुश के गुरु थे। कार्यक्रम में भजन से महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर प्रकाश डाला। कोरियोग्राफी में वाल्मीकि के डाकू रत्नाकर से महर्षि बनने और रामायण लेखन तक का जीवन वृतांत जीवंत किया गया।
इस अवसर पर कविता गायन, नारा लेखन, निबंध लेखन, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता करवाई गई। प्रधानाचार्या कंवलजीत कौर बाजवा व चेयरपर्सन डॉ. सुखविंद्र कौर ने सभी को बधाई दी।