घरेलू मामलों में प्रताड़ित महिलाओं और अन्य प्रकार के मामलों में महिलाओं और लड़कियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए अब पुराने अस्पताल में वन स्टॉप सखी सेंटर बनाया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग की मांग पर स्वास्थ्य विभाग सेंटर बनाने के लिए जमीन देने के लिए तैयार हुआ है। सेंटर का जल्द से जल्द निर्माण शुरू हो सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी मुख्यालय को जमीन उपलब्ध करवाने की अनुमति देने के बारे में पत्र लिखा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सेंटर बनाने का कार्य मार्च माह से पहले शुरू होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
बिल्डिंग बनाने की मांगी है अनुमति-सेंटर के निर्माण के लिए विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से जमीन उपलब्ध करवाने की अनुमति मांगी है। जो पुराने अस्पताल में सिविल सर्जन कार्यालय के साथ पड़ी जमीन पर बनेगा। फिलहाल वन स्टॉप सेंटर एमआईटीसी कॉलोनी में किराये की एक बिल्डिंग में चल रहा है। सेंटर के अधिकारी कई बार प्रशासनिक बैठकों में जमीन उपलब्ध करवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इसके लिए जमीन नहीं मिल पाई थी।
हर महीने सेंटर में आश्रय और परामर्श के लिए पहुंचती हैं करीब 20 महिलाएं- वन स्टॉप सेंटर में हर महीने आश्रय और परामर्श के लिए कम से कम 20 महिलाएं और लड़कियां पहुंचती है। इनमें घरेलू मामलों में प्रताड़ित महिलाएं ज्यादातर शामिल होती हैं। इन महिलाओं को मामलों के लिए कानूनी व अन्य प्रकार से परामर्श लेने के साथ-साथ पांच दिन तक आश्रय भी दिया जाता है। इस दौरान महिला के रहने से लेकर खाने तक का खर्च वहीं से वहन किया जाता है। पांच दिन के अंदर जिस प्रकार के परामर्श की महिला को जरूरत होती है, उसे उपलब्ध करवाया जाता है।
इसके अलावा सेंटर में उन महिलाओं या लड़कियों को भी आश्रय दिया जाता है, जो देर रात तक किसी कारणवश अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाती हैं। या फिर जिन्हें रात के समय अपने गंतव्य तक जाने के लिए साधन उपलब्ध नहीं हो पाते हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी उर्मिल सिवाच ने बताया क ि सेंटर के निर्माण को लेकर स्वास्थ्य विभाग से पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि मार्च माह से पहले सेंटर की खुद की बिल्डिंग का निर्माण शुरू होगा।
सिविल सर्जन डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि इस संबंध में विभाग के मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। एनओसी के लिए अनुमति मांगी गई है। जैसे ही अनुमति मिल जाती है, उसी समय यहां सेेंटर निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है।