संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। चेन्नई में आयोजित खेलो इंडिया गेम्स में कलारीपयट्टू खेल में स्वर्ण पदक जीतने वाले धुंधरेहड़ी निवासी 16 वर्षीय खिलाड़ी आर्यन का शनिवार को कैथल पहुंचने स्वागत किया।
गौरतलब है कि आर्यन इस खेल में पदक जीतने वाला पहला खिलाड़ी है। उसके वापस आने पर बस स्टैंड से खुली जीप बैठाकर गांव तक लाया गया, जहां उसका फूल मालाओं सहित नोटों की मालाओं के साथ स्वागत किया। आर्यन के पिता ने बताया कि सुरेंद्र गोयत ने बताया कि आर्यन के अलावा प्रदेश के अन्य किसी खिलाड़ी ने इससे पहले इस खेल में किसी भी अन्य खिलाड़ी ने पदक हासिल नहीं किया है।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस खेल में स्केल में सात इवेंट होते हैं। इनमें आर्यन ने 9.1 फीट ऊंची किक लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया। इस खेल का कैथल में कोई भी सरकारी कोच नहीं है। जबकि इसका प्राइवेट सेंटर पर ही अभ्यास करवाया जा रहा है। यह पुरानी मार्शल आर्ट तकनीक है, इस समय करीब 56 खिलाड़ी इस खेल को सीख रहे हैं।
कलारीपयट्टू
यह भारत की सबसे पुरानी मार्शल आर्ट है। इसकी उत्पत्ति भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित आधुनिक केरल से हुई थी। कलारीपयट्टू अपने अंदर भारतीय मार्शल आर्ट के लंबे इतिहास को समेटे हुए है। इसको कलारी के नाम से भी जाना जाता है जिसका अर्थ युद्धक्षेत्र होता है। सरकार ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स में में कलारीपयट्टू खेल को शामिल किया है।