संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। विधायक रणधीर सिंह गोलन ने भाजपा के टिकट पर तीन चुनाव लड़े, लेकिन पूंडरी में 2014 से पहले भाजपा का जनाधार न के बराबर ही रहा। हालांकि वर्ष 2014 में भाजपा की प्रदेश में लहर आने के बावजूद रणधीर सिंह गोलन निर्दलीय प्रत्याशी दिनेश कौशिक से हार गए। फिर 2014 से 2019 तक लोगों के बीच में रहे ओर कई चुनाव हारने, टिकट कटने पर सहानुभूति व लोगों के बीच फफक फफक कर रोना। रणधीर सिंह गोलन को आजाद विधायक बना गया।
प्रदेश में सरकार फिर भाजपा की बनी और जजपा व निर्दलीय विधायकों के समर्थन के दम पर सरकार चली। बीच बीच में रणधीर गोलन सरकार के खिलाफ भी बोलते रहे पर जब भी सरकार संकट में आई गोलन ने सरकार का साथ दिया। बता दें कि अब चुनावों से कुछ समय पहले रणधीर गोलन व दो ओर निर्दलीय विधायकों ने सरकार से समर्थन वापिस ले लिया ओर कांग्रेस में बिना शामिल हुए कांग्रेस को समर्थन दे दिया। ॉ
हालांकि गोलन ने हलके में ख्ूब विकास कार्य भी करवाए ओर चर्चाओं में भी खूब रहे। कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस का टिकट गोलन को मिलेगा लेकिन ऐन वक्त टिकट पूर्व विधायक सुल्तान जडौला को मिला।
इससे नाराज़ होकर रणधीर गोलन ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर ताल ठोक कर कार्यालय खोल प्रचार प्रसार में जुट गए। चुनाव निशान भी मिल गया पर बुधवार को रोहतक में पूर्व सीएम हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस में शामिल हो गए ।
देर शाम तक कार्यालय में लोग बैठे रहे ः नाम न छापने की शर्त पर गोलन के कार्यकर्ता ने बताया कि उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि गोलन ऐसे बीच चुनाव के बैठ जाएगा। बल्कि वे तो उनके प्रचार में जुटे हुए थे। तभी सोशल मीडिया पर देखा कि विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए। जिसकी उन्हें बहुत हैरानी भी हुई।
यह भी जानकारी मिली कि वीरवार को कार्यालय पर गोलन कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें आगे की बात साफ हो पाएगी।