संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। सरकार द्वारा बेटी बचाने और पढ़ाने के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में किच्छाना और खेड़ी रायवाली में बैठकें व कार्यक्रम हुए, जिनमें महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
किच्छाना में आयोजित बैठक में महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता समुद्रो ने बताया कि बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना, बालिका समृद्धि योजना, छात्रवृत्ति योजना, शगुन योजना सहित कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं।
उन्होंने कहा कि पहले समाज में बेटियों के साथ भेदभाव किया जाता था, लेकिन अब बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर लड़कों से आगे निकल रही हैं। बैठक में स्वास्थ्य कार्यकर्ता राजपाल ने भी कन्या भ्रूण जांच के दुष्परिणाम बताते हुए कहा कि इसका दोषी पाए जाने पर तीन साल की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना हो सकता है। इसी तरह खेड़ी रायवाली के आंगनबाड़ी केंद्र में भी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इस दौरान एएनएम पूजा ने ग्रामीणों को शपथ दिलाई कि वे बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सावित्री देवी ने कहा कि बेटियों की शिक्षा और उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण समाज को सशक्त बनाता है। कार्यक्रम के दौरान पोषण माह के तहत जागरूकता रैली निकाली गई और लोगों को पौष्टिक आहार की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर मेरा युवा भारत से स्वयंसेविका गुरुप्रीत कौर, आंगनबाड़ी सहायिका कैलाशवती सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।