जिले में बेटियों को लेकर लोग संजीदा हो गए हैं। यही कारण है कि लिंगानुपात को लेकर बड़ी सफलता हासिल हुई है। पिछले दो माह में लिंगानुपात 862 की तुलना में बढ़कर 929 हो गया है। जिसमें ओर सुधार के लिए अधिकारी प्रयासरत हैं। पिछले करीब साल भर से जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही छापेमार कार्रवाई एवं जागरूकता अभियानों का ही असर है कि बेटियों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है।
जिले में लिंगानुपात की वर्तमान स्थिति
छह महीने पहले जिले में लिंगानुपात की स्थिति काफी खतरनाक थी। यह लगातार कम होता जा रहा था। यहां 1000 लड़कों के पीछे 862 लड़कियां थीं। जो चिंताजनक अनुपात है। इस हिसाब से 1000 लड़कों के मुकाबले में 138 बेटियां कम थीं। जिस कारण सरकार द्वारा इस लिंगानुपात में सुधार के आदेश जारी किए गए थे। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों के माध्यम से प्रयास किया गया कि लोग इस बारे में जागरूक हों। इन अभियानों के परिणामस्वरूप जनवरी माह में 1000 लड़कों के पीछे 904 लड़कियां रही। वहीं, फरवरी माह में 1000 के पीछे 954 हैं। जिले में औसत लिंगानुपात 929 है। इसमें ओर भी सुधार की उम्मीद है।
18 लोगों को एमटीपी एक्ट के तहत पकड़ा
पिछले करीब साल भर से जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा छापेमार कार्रवाई की जा रही है। जिसमें गर्भपात की किट तक बेचने को लेकर अभियान चलाया गया है। इस दौरान करीब 18 सफल रेड की गईं। जिसमें पुलिस में भी केस दर्ज करवाया गया। कई मामलों में अनियमितताएं पाए जाने पर अल्ट्रासाउंड मशीनों को भी सील कर दिया गया था। एक मामले में आरोपी फर्जी चिकित्सक को सजा भी हो चुकी है। वहीं, 14 असफल रेड की गईं। जिसमें बेटा होने की दवा देने वाले एवं गर्भपात जैसे धंधे में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़े लोगों से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि अब वे यह काम छोड़ चुके हैं। जिससे पता चल रहा है कि विभाग के अभियान का जमीनी स्तर पर प्रभाव पड़ रहा है।
जिले में साल भर से जो अभियान चलाया गया है। उसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जिले में लिंगानुपात में बड़ा सुधार पाया गया। यह 862 से सुधर कर 929 पहुंच गया है। लगातार प्रयास है कि इसमें ओर भी सुधार आए। इस सुधार में लोगों की जागरूकता के साथ-साथ जिले में 18 लोगों के खिलाफ दर्ज करवाए गए पुलिस केस की कार्रवाई का बड़ा हाथ है। वहीं, 14 ऐसे लोग भी पाए गए, जो संपर्क करने पर इस काम को छोड़ चुके थे। वहां रेड सफल नहीं हो पाई। जिले में यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग का लक्ष्य लिंगानुपात के अंतर को कम करना है।
वंदना भाटिया, सीएमओ, कैथल।