संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष की आयु की किशोरियों को टीका लगाया जा रहा है।
उन्होंने जिले के अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों को इस गंभीर बीमारी से बचाने के लिए उनका टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने बताया कि एचपीवी टीका पूरी तरह सुरक्षित है और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में लगभग 98 प्रतिशत तक प्रभावी माना जाता है।
डॉ. रेनू चावला ने कहा कि यह टीका वर्ष 2006 से उपलब्ध है और इसकी सुरक्षा तथा प्रभावशीलता को लेकर कई अंतरराष्ट्रीय अध्ययन किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण को लेकर समाज में फैली कई भ्रांतियों को भी दूर किया है। विभाग के अनुसार मासिक धर्म के दौरान भी यह टीका सुरक्षित रूप से लगाया जा सकता है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। इसके अलावा टीके से नपुंसकता या बांझपन होने जैसी बातें पूरी तरह निराधार हैं। भविष्य में गर्भधारण की योजना बनाने वाली महिलाओं के लिए भी यह टीका सुरक्षित है। यह टीका केवल कैंसर से बचाव के लिए कार्य करता है और शरीर के डीएनए पर इसका कोई प्रभाव नहीं डालता।
सिविल सर्जन ने बताया कि एचपीवी एक वायरल संक्रमण है, जो कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकता है। यह टीका इस संक्रमण से बचाव में प्रभावी सुरक्षा प्रदान करता है। भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर के मामलों में सर्वाइकल कैंसर दूसरे स्थान पर आता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान में उपलब्ध वैक्सीन अत्यंत प्रभावी है, इसलिए किसी अन्य वैक्सीन का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आह्वान किया कि वे सरकार की इस पहल का लाभ उठाएं और अपनी 14 से 15 वर्ष की बेटियों का टीकाकरण करवाकर उन्हें कैंसर से सुरक्षित भविष्य दें।