भाई उदय सिंह किला पर आयोजित गीता जयंती का जिला स्तरीय कार्यक्रम का समापन शनिवार की देर रात हुआ। अंतिम दिन सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ डीसी संजय जून ने गीता आरती से की। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भगवद गीता के अमर संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करके हर व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर बनाए। गीता का अमर संदेश संपूर्ण मानवता के कल्याण तथा वर्तमान सभी समस्याओं के समाधान हेतु मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश वह प्रदेश है, जहां पर महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने मोहग्रस्त अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था, जो वर्तमान जीवन में सभी समस्याओं के समाधान में मार्ग प्रशस्त करता है।
आचार्य रामकुमार शर्मा के नेतृत्व में पंडितों के दल ने महाभारत के 18 श्लोकों को निर्धारित समय अनुसार उच्चारण किया तथा विभिन्न विद्यालयों की 151 छात्राओं ने भी इस दल के साथ इन श्लोकों का उच्चारण कर भाई उदय सिंह किला परिसर को गीतामय कर दिया।
सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग के स्थानीय लोक कलाकार बलबीर शर्मा ने गीता भजन से की। जिसके बोल थे क्यूं काया भटकावै माया, जोड़-जोड़ कै धर ज्यागा, गीता ज्ञान सुणा कर बंदे, परले पार उतर ज्यागा। अगली प्रस्तुति में गुरु तेग बहादुर विद्यालय की नन्हीं-मुन्नी छात्रा माधव पाठक ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत करके दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। सांस्कृतिक संध्या के आकर्षण का केंद्र रहा निफा एवं सांस्कृतिक विभाग की टीम द्वारा गीता रहस्य पर प्रस्तुत किया गया ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम, जिसमें नन्हें-मुन्ने बच्चों की शानदार प्रस्तुति से महाभारत युद्ध तथा श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गीता के उपदेश का पूरा सीन मंच पर प्रस्तुत किया। विकास एवं पार्टी द्वारा गीता के सार को प्रस्तुत करते हुए यह दर्शाया कि परिवर्तन संसार का नियम है। इस अवसर पर एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह, एसडीएम मंदीप कौर एवं ओमप्रकाश, नगराधीश विरेंद्र सांगवान, परिवहन महाप्रबंधक रामकुमार, भाजपा के जिलाध्यक्ष सुभाष हजवाना, संजय भारद्वाज, रामपाल राणा, श्याम सुंदर बंसल, कैलाश भगत, दिनेश पाठक, जिला राजस्व अधिकारी सुभाष महत्ता, जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा, कृषि उपनिदेशक डा. महावीर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी डा. जगफूल सिंह, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी एम.एस. जगत, नायब तहसीलदार प्रकाश चंद व सुरेश धवन, उप जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही, प्राचार्य सुरेश गुलशन, सुषम कपूर, नरेश मित्तल सहित अन्य मौजूद रहे।