संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। विधायक सतपाल जांबा ने महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने अपनी आध्यात्मिक और अलौकिक शक्ति से ऐसा महाकाव्य रचा है जो मानवीय जीवन के आदर्शों पर आधारित है। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन पर महाकाव्य लिखकर हमें जीवन के आदर्श सिखाए और मानवता के कल्याण का संदेश दिया। सतपाल जांबा ने कहा कि हमें उनकी शिक्षाओं का अनुसरण करना चाहिए।
पूंडरी विधायक सतपाल जांबा मंगलवार को विभिन्न गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और भगवान वाल्मीकि जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने जांबा, फतेहपुर, पाई, बरसाना, रमाणा रमाणी, रसीना, बाकल, डीग, हाबड़ी, साच, साकरा, कौल, जड़ौला, बरोट आदि गांवों में कार्यक्रमों में भाग लिया और गांवों के विकास कार्यों पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने समाज में सामंजस्य स्थापित करने और ऊंच-नीच के भेदभाव को कम करने का मार्ग दिखाया। आज समाज के उत्थान के लिए आपसी भाईचारा बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी संतों और महापुरुषों की जयंती मनाई जा रही है, और इन आयोजनों में युवा पीढ़ी को शामिल करना चाहिए, ताकि वे महापुरुषों के संदेशों से प्रेरणा ले सकें।
सतपाल जांबा ने यह भी बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार पिछले 11 वर्षों से अंत्योदय की भावना के साथ काम कर रही हैं, जिसका मूल मंत्र है— पंक्ति में खड़े सबसे अंतिम व्यक्ति का उदय और उसे समाज की मुख्यधारा में शामिल करना। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति और विकास के लिए निरंतर प्रयास करना ही महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर विकास, सोनू, सुनील सहित समाज के अन्य लोग भी मौजूद रहे।