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Kaithal News: भ्रष्टाचार के मामले में गोशाला प्रधान को मिली क्लीन चिट

Sat, 19 Aug 2023 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कैथल। जींद रोड स्थित श्री कृष्ण गो संरक्षण धाम गोशाला में 25 लाख रुपये में भ्रष्टाचार के आरोप मामले में छिड़े विवाद का शुक्रवार को पटाक्षेप हो गया। गोशाला प्रांगण में हुई महापंचायत में गठित की गई 11 सदस्यीय टीम ने भ्रष्टाचार के आरोप मामले में प्रधान रामफल खुरानियां को क्लीन चिट दे दी।
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प्रधान पर कमेटी की तरफ से की गई जांच में किसी भी प्रकार से गबन के आरोप सिद्ध नहीं हो पाए हैं। इसके साथ ही सचिव प्रदीप को महापंचायत में माफी मांगने के लिए कहा। इसके बाद उसे गोशाला की कमेटी से सचिव पद बर्खास्त कर दिया और सदस्यता भी वापस ले ली गई।

वहीं, इस मामले में प्रदीप का कहना है कि वे जब माफी मांगने के लिए गए तो उन्हें अपनी बात रखने का मौका ही नहीं दिया गया। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में बीच-बीच में बहस भी हुई। इस दौरान भी एक दूसरे पर आरोप व प्रत्यारोप लगे। हालांकि इस मामले में कमेटी के सदस्य बीच बचाव करते हुए दिखाई दिए।
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महापंचायत में मॉडल टाउन में गोशाला में गोबर से आने वाली दुर्गंध और तूड़ी से उडऩे वाली धूल से परेशानी का मामला भी उठा। इस पर भाजपा नेता व नगर परिषद अध्यक्ष के प्रतिनिधि सुरेश गर्ग ने गोशाला के प्रबंधन को आश्वासन दिया कि जींद रोड पर बनने वाली गोशाला निर्माण के लिए 25 लाख रुपये का टेंडर लगाया है। अब 50 लाख रुपये का और टेंडर लगा दिया जाएगा।

इसके साथ ही गर्ग ने कहा कि मॉडल टाउन के लोगों की समस्या पर कहा कि गोशाला का निर्माण कार्य पूरा होते ही इसे जल्द शिफ्ट कर दिया जाएगा। वहीं, प्रधान रामफल खुरानियां द्वारा उन्हें चाबी सौंपने पर कहा कि प्रधान को यह चाबी अध्यक्ष बहादुर सैनी के सामने वापस दी गई थी। प्रधान काफी अच्छा कार्य गोशाला के लिए कर रहे हैं। अब वे ही इस गोशाला संभालेंगे। महापंचायत की अध्यक्षता बहादुर सैनी ने की।

जांच कमेटी में शामिल सदस्य सोहन ढुल ने बताया कि गोशाला की संस्था रामफल खुरानियां पर जो भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। उन आरोपों पर खर्च हुई राशि को कमेटी ने ऑडिट करवाया है। प्रधान पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। खर्च की गई राशि कमेटी के रजिस्टर में एंट्री की गई है। कोई गबन नहीं हुआ है। आरोप लगाने वाले कमेटी के सचिव प्रदीप को बर्खास्त कर दिया गया है। उनकी सदस्यता भी वापस ले ली गई है। उनकी गोशाला में एंट्री बैन कर दी गई है। जो आरोप लगाने वाले दूसरे लोग हैं। वह कमेटी के सदस्य नहीं है। महापंचायत में केवल प्रदीप की एंट्री बैन की गई है। अन्य गो सेवक गोशाला में आकर सेवा कर सकते हैं।

बर्खास्त किए गए सचिव प्रदीप सिंगला ने कहा कि भरी महापंचायत में उन्हें माफी मांगने के लिए कहा गया था, लेकिन जब वे माफी मांगने के लिए गए तो उन्हें बोलने तक का मौका नहीं दिया गया। ऐसे में उनमें रोष है। उन्हें बेवजह बर्खास्त किया गया है। वहीं, नायब कैंदल ने भी कहा कि पंचायत में उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया है। एक तरफ किए फैसले से महापंचायत नहीं हो सकती है।
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