संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गैस एजेंसी संचालकों और पेट्रोल पंप मालिकों ने व्यवस्था में सुधार के नाम पर नई प्रणाली लागू की है। इसके तहत अब एलपीजी उपभोक्ताओं को बुकिंग के तीन दिन बाद ही सिलिंडर की डिलीवरी दी जाएगी, जबकि पेट्रोल पंपों पर ड्रम या केन में तेल देना पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
संचालकों का कहना है कि इस व्यवस्था से गैस एजेंसियों पर लगने वाली अनावश्यक भीड़ कम होगी। पहले उपभोक्ता बुकिंग के अगले ही दिन एजेंसियों पर पहुंच जाते थे, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति बनती थी। अब क्रमवार सप्लाई से उपभोक्ताओं को आसानी से सिलिंडर मिल सकेगा।
जिले में 20 गैस एजेंसियां हैं, जहां लगभग 2.60 लाख एलपीजी और करीब 8 हजार व्यावसायिक कनेक्शन हैं। व्यावसायिक सिलिंडरों की सप्लाई फिलहाल सीमित है, इसलिए होटल, ढाबा और शादी समारोहों के लिए आवेदन करने पर ही सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
पेट्रोल पंपों पर ड्रम में तेल देना बंद: ईंधन की कालाबाजारी और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए पेट्रोल पंपों पर ड्रम या केन में तेल देना बंद कर दिया गया है। जींद रोड स्थित एक पंप कर्मचारी के अनुसार, ड्रम में तेल लेकर ऊंचे दामों पर बेचने के मामले सामने आते रहे हैं, जिससे अवैध भंडारण को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा, पंपों पर तेल की गाड़ियों की समय पर आपूर्ति न होने के कारण भी स्टॉक प्रभावित हो रहा है। ऐसे में अब केवल वाहनों की टंकी में ही तेल भरने का निर्णय लिया गया है, ताकि जरूरतमंदों को परेशानी न हो।
गैस की कमी नहीं, व्यवस्था में सुधार का दावा
एजेंसी संचालकों का कहना है कि तीन दिन की वेटिंग पॉलिसी से पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों के माध्यम से होने वाली हेराफेरी पर रोक लगेगी। उनका दावा है कि गैस की कोई कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गैस एजेंसी संचालक संदीप के अनुसार, नई व्यवस्था से एजेंसियों पर लगने वाली भीड़ कम होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिलेगी।
गैस एजेंसियों पर एलपीजी सिलिंडर की कोई कमी नहीं है। स्टॉक पर्याप्त है। व्यावसायिक सिलिंडर आवेदन के आधार पर दिए जा रहे हैं। लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। -वरिंद्र कुमार, डीएफएससी, कैथल