संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अपनी मांगों के लिए सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालात यह हैं कि शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 550 टन कचरा जमा हो चुका है, जिससे पूरा शहर गंदगी और बदबू से परेशान है। दूसरी ओर सफाई कर्मियों ने मंगलवार को लोगों को पंपलेट बांटकर समर्थन मांगा।
इस दौरान उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि उनका सहयोग किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तो यह हड़ताल 14 मई तक जारी रहेगी। उधर, नगर परिषद के मुख्य गेट पर कचरे का बड़ा ढेर जमा हो गया है। इसके अलावा अंबाला रोड और करनाल रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर भी गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। मुख्य सड़कों पर फैली गंदगी और बदबू के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। शहर के प्रवेश द्वारों पर कचरे के ढेर प्रशासन के स्वच्छता दावों की हकीकत भी उजागर कर रहे हैं।
बाजारों में 550 टन कचरा जमा : सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप होने से शहर की गलियों और बाजारों में स्थिति गंभीर हो गई है। अनुमान के अनुसार, शहर में करीब 550 टन कचरा जमा हो चुका है। हालांकि प्रशासन डोर-टू-डोर कचरा उठान का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि गंदगी के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे व्यापार पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
प्रशासन के सामने चुनौती
हड़ताल से जिला प्रशासन और नगर परिषद की चिंता बढ़ गई है। जल्द समाधान नहीं निकला तो शहर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा है। सफाई कर्मचारी संगठन के शिवचरण ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।
करनाल रोड पर लगे कचरे के ढेर के पास से मुंह ढक कर गुजरती छात्राएं। संवाद- फोटो : संगीता।
करनाल रोड पर लगे कचरे के ढेर के पास से मुंह ढक कर गुजरती छात्राएं। संवाद- फोटो : संगीता।
करनाल रोड पर लगे कचरे के ढेर के पास से मुंह ढक कर गुजरती छात्राएं। संवाद- फोटो : संगीता।