पुलिस ने दो युवकों को काबू किया है।
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गैंगेस्टर सुरेन्द्र ग्योंग के लिए रेकी करने वाले दो आरोपियों को शरण देने के मामले में सीआईए-2 पुलिस ने दो युवकों को काबू किया है। दोनों आरोपियों को करनाल के निसिंग से गिरफ्तार किया गया है।
सीआईए-2 के इंचार्ज इंस्पेक्टर विमल कुमार ने बताया कि उन्होंने सुरेंद्र ग्योंग के लिए रेकी करने वाले संदीप निवासी सूदकण जींद हाल में किराये के मकान अमरगढ़ गामड़ी कैथल में रह रहा था व मुनीष निवासी रेलवे रोड कालोनी कलायत को गिरफ्तार किया था। इन दोनों आरोपियों ने कैथल के नेत्र रोग चिकित्सक की रेकी करके सूचना सुरेंद्र ग्योंग व उसके साथियों को दी थी। पकड़े जाने के बाद संदीप व मुनीष ने बताया कि 31 अगस्त को फरार होने के बाद वे करनाल के गांव अजाहेड़ी निवासी विक्रम उर्फ विक्की के पास रुके थे। उन्होंने विक्रम को बताया था कि चिकित्सक से फिरौती मांगने के मामले में पुलिस उनके पीछे पड़ी हुई है। विक्रम तरावड़ी में एक टावर पर नौकरी करता है। एक दिन व एक रात वह उसके पास टावर पर ही रुके। कुछ दिन यहां रुकने के बाद विक्रम ने अपने दोस्त अमित उर्फ मित्ता निवासी बूटा कॉलोनी निसिंग को कार लेकर टावर पर बुला लिया। विक्रम ने अमित को बताया था कि संदीप व मुनीष उसके दोस्त हैं और कैथल पुलिस उनके पीछे पड़ी है, इसलिए वह कुछ दिन उसे अपने घर रख ले। इसके बाद अमित दोनों आरोपियों को अपने घर ले गया और वहां एक दिन और एक रात रखा। बाद में अमित ने संदीप व मुनीष को निसिंग के बसस्टैंड पर छोड़ दिया। लेकिन दोनों आरोपी पुलिस के हात्थे चढ़ गए।
जांच अधिकारी एएसआई राजकुमार ने बताया कि संदीप व मुनीष की गिरफ्तार होने की सूचना विक्रम व अमित को भी लग गई और उन्हें लगा कि पुलिस कभी भी उनके पास पहुंच सकती है तो दोनों 10 सितंबर की शाम अपनी गाड़ी में भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने निसिंग में नाका लगाकर दोनों आरोपियों को गाड़ी सहित गिरफ्तार कर लिया। सीआईए-2 इंस्पेक्टर विमल कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को पता था कि संदीप व मुनीष चिकित्सक से फिरौती मांगने के मामले में शामिल हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इसके बावजूद दोनों ने अपराधियों को पुलिस से छिपने के लिए जगह दी, जो कि अपराध है। पुलिस ने अब विक्रम व अमित को धारा 216 के तहत गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। चिकित्सक से फिरौती मांगने के मामले में यह 7वीं गिरफ्तारी है।