राजौंद। नवरात्रों की पर्व संध्या पर फलों के दामों में हुई बढ़ोतरी ने फलों की मिठास को कम कर दिया है। त्योहारों के मौसम में आम जरूरत की चीजों व खाद्य पदार्थों के भी बढ़ते दामों ने श्रद्धालुओं की आस्था को भारी ठेस पहुंचाई है।
फल नवरात्रों से पहले 50-60 रुपये प्रति दर्जन बिक रहा था उसके दाम नवरात्रों के शुरू होते ही दो गुणा बढ़ गए है। प्रशासन का इस ओर जरा भी ध्यान नही जाता की एक दिन में फलों के इतने दाम बढ़ना कहा तक उचित है। नवरात्रों से पहले केला 70 से रुपये प्रति दर्जन के हिसाब से बिक रहा था नवरात्रों के शुरू होते ही उसके दाम 90.100 रुपये तक प्रति दर्जन पहुंच गए।
सेब जो 100 रुपये प्रति किलो बिकता था उसके दाम 140 से 150 रुपये तक प्रति किलो तक बोले जा रहे है। इसी तरह पपीता पहले 50 रुपये था अब 60 रुपए किलो तक बिक रहा है। इसी तरह अनार पहले 300 रुपये अब 360 किलो तक बिक रहा है। इसी तरह सबसे ज्यादा सोचने वाली बात यह है कि जो नारियल 30 रुपये तक बिकता था उसके दाम 40 से 50 रुपये तक वसूले जा रहे है। वही आलू के रेट में भी भारी उछाल आया है। जो आलू 20 रुपये किलो बिकता था उसके दाम अब 30 रुपये किलो बोले जा रहे है। संवाद