फर्जी वीजा पकड़ में आने पर खुला ठगी का मामला
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें बताया कि एक जून 2024 को उनकी फ्लाइट है। इस पर उन्होंने विदेश जाने की तैयारियां शुरू कर दीं। तय तारीख को जब वे फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली पहुंचे, तो वहां पता चला कि एजेंट रवि और विजेंद्र द्वारा दिया गया वीजा डुप्लीकेट है। इसके बाद जब उन्होंने एजेंट उमरपाल से अपने रुपये वापस मांगे, तो उसने साफ इन्कार करते हुए धमकी देनी शुरू कर दी।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि विजेंद्र, रवि राणा और उमरपाल ने आपस में मिलीभगत कर उनके साथ धोखाधड़ी की और उनकी मेहनत की कमाई हड़प ली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।