कलायत। खंड में करीब एक करोड़ रुपये की मनरेगा पशु शेड निर्माण योजना के नाम पर बिलिंग फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। ताजा घटनाक्रम के अनुसार कलायत एसडीएम देवेंद्र शर्मा चार अगस्त को योजना से जुड़े मामले के पहलू की जांच करेंगे।
इसके लिए गांव बालू के शिकायतकर्ता राजू को जहां सूचना भेज दी है। पंचायत विभाग और मनरेगा अधिकारियों को जांच में शामिल किया जाएगा। इसके चलते किसी भी समय पशु शेड योजना के रिकॉर्ड को जब्त किया जा सकता है। इसके चलते विभाग में हड़कंप है। पशु शेड योजना में भुगतान के लिए जिन बिलों का इस्तेमाल किया वे उचाना, नरवाना और दूरदराज के अन्य इलाकों से जारी बताए जाते हैं। जब कलायत क्षेत्र में सीमेंट, रेत, बजरी, लोहा और अन्य निर्माण सामग्री से संबंधित कारोबार हैं तो किन कारणों के चलते कोई दूरदराज से इसकी खरीद करेगा।
समाजसेवी संगठनों का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिरकार किन कारणों के चलते कलायत के बजाय दूरदराज से निर्माण सामग्री खरीदने की पशु शेड की जरूरत पड़ी। उन्होंने संबंधित दुकानदारों का रिकॉर्ड जब्त करते हुए पुलिस कार्रवाई की मांग की है।मामला उजागर होने पर सरकार की महत्वपूर्ण एजेंसियां भी हरकत में आ गई हैं एजेंसियों के अधिकारी योजना कार्य की जानकारी जुटाने में लगे हैं। एसडीम देवेंद्र शर्मा ने बताया कि तत्काल प्रभाव से मनरेगा पशु शेड निर्माण योजना की जांच शुरू की गई है।