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लोन अप्रूव करवाकर पांच लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी

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गांव खेड़ी गुलाम अली निवासी सोनू ने बैंक से लोन दिलवाने के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ सीवन थाना में मामला दर्ज करवाया है। सोनू ने बताया कि वह पुलिस विभाग में होमगार्ड की नौकरी करता है। 10 जनवरी 2020 को सीवन में वह बस स्टैंड पर खड़ा था। उस समय उसे जतिन व गुरमेल मिले। उन लोगों ने उसे बताया कि उनकी बैंक मैनेजर के साथ जान पहचान है और वह उसेे लोन दिलवा सकते हैं। उसे मकान बनाने के लिए पैसों की आवश्यकता थी। इस कारण से वह उनकी बातों में आ गया और उनके कहे अनुसार लोन करवाने के लिए हां कर दी। आरोपियों ने सिक्योरिटी के लिए गारंटर, कागजात और 12 चेक देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह 3 दिन के अंदर लोन करवा कर पैसे खाते में डलवा देंगे। इस पर उसने कागजात व 12-12 खाली चेक साइन करके अगले ही दिन उन लोगों को सीवन में सुबह दे दिए। उपरोक्त लोगों ने भारतीय स्टेट बैंक बलदेव नगर अंबाला शाखा से 14 जनवरी 2020 को लोन करवा दिया और शाम के समय उनके सीवन के भारतीय स्टेट बैंक के खाता में पैसे डलवा दिए। इसका मैसेज फोन पर आया। अगली सुबह 15 जनवरी को 8:30 बजे फोन पर मैसेज आया कि खाते से 260000 रुपये कट गए हैं। इस बारे में बैंक में पूछा तो पता चला कि खाता से किसी सुमित कुमार के खाते में पैसे चले गए हैं। इस बारे में उसने दूसरे साथ गुरप्रीत से बात की तो उसने बताया कि उसके खाते से भी 250000 रुपये कट गए हैं। जब उसके खाते की एंट्री करवाई तो पता चला कि उसके खाते से जो पैसे कटे हैं वे सुनील नाम के किसी व्यक्ति के खाते में गए हैं। जब उन दोनों ने इसके बारे में उपरोक्त दोनों व्यक्तियों से बात की तो उन्होंने बताया कि यह पैसे गलती से कट गए हैं। जल्दी ही आपके खाते में वापस आ जाएंगे। इसके बारे म्रें कई बार उनसे मुलाकात की। इस बारे में भारतीय स्टेट बैंक शाखा बलदेव नगर अंबाला के मैनेजर से भी बात की तो उसने कहा कि उनके पास जो रिकॉर्ड था उसके अनुसार बैंक के खाते में पैसे डाल दिए हैं। पूछने पर बताया कि उन्होंने लोन नौकरी के आधार पर आई कार्ड लगाकर और सैलरी स्लिप लगाकर किया है। जबकि उन्होंने आरोपियों को न तो कोई नौकरी का आई कार्ड दिया था और न ही कोई सैलरी स्लिप दी थी। ऐसा करके आरोपियों ने पांच लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने केस दर्ज कर ईएसआई नरेश कुमार को मामले की जांच सौंपी है।
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