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विद्यार्थियों के नाम से फर्जी बैंक खाते खुलवाकर निकलवाए लाखों रुपये

Tue, 12 Apr 2016 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कैथल।
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कैथ्‍ाल - फोटो : अमर उजाला
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 जिले में दो नर्सिंग संस्थानों में छात्रवृत्ति के नाम पर बड़े गोलमाल का खुलासा किया है। एक संस्थान पर फर्जी खाते खोलकर लाखों रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने का तो दूसरे संस्थान के क्लर्क पर छात्राओं को अकेले गाड़ी में बैठाकर बैंक से राशि निकलवाने का आरोप लगाकर डीसी कार्यालय में शिकायत दी गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि मामले की जांच करवाई जाए तो पूरे जिले में बड़ा गोलमाल सामने आ सकता है।
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पहले मामले में शहर में स्थित एक संस्थान में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों वर्षा रानी, हीरा राम, प्रवीण कुमार, राकेश कुमार, पूनम देवी, पूजा, ममता, कविता, रीना सहित अन्य ने कहा कि यहां स्थित एक संस्थान ने एएनएम व जीएनएम में दाखिला दिलवाने की बात कही थी। उन्हें कहा गया था कि वे एक एनजीओ चलाते हैं। जिसके माध्यम से पंजाब व हरियाणा के कॉलेजों में उनके दाखिले करवा दिए जाएंगे। संस्थान की ओर से छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। उसी छात्रवृत्ति में से फीस भरी जाएगी। बच्चों को कोई फीस नहीं देनी। इसके बावजूद भी उन्होंने इस संस्थान में 300 रुपये महीना फीस देकर कक्षाएं लगाईं। वर्ष 2013 में उनका दाखिला हुआ था। दाखिले के समय ही सभी पहचान पत्रों के साथ-साथ बैंक खाते खुलवाए थे। साथ ही उनके एटीएम व बैंक पासबुक भी ले ली थीं।

बाद में पता चला कि उन विद्यार्थियों के नाम से करनाल रोड पर स्थित एसबीआई में खाते खुलवाए गए हैं। इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। जब वे संस्थान द्वारा दिए गए पते अनुसार पंजाब के कॉलेजों संत इंद्रदास इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज, खेड़ी माननीया पटियाला, माता सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग लुधियाना, आर्यन नर्सिंग कॉलेज नेपरा बनूर और गंगापुत्रा नर्सिंग कॉलेज, कंडेला, हरियाणा में गए तो वहां से पता चला कि उनके नाम से कोई फीस नहीं भरी गई और न ही वे परीक्षा में बैठ सकते। उन्हें पता चला कि उनके नाम से छात्रवृत्ति फर्जी बैंक खातों में से निकलवाकर हड़प ली गई। जिससे उनका भविष्य ही खराब हो गया है। छात्रा दुर्गा देवी ने कहा कि उसे एक संस्थान में कहकर भेज दिया गया कि जाकर यहां के संचालक से बात करवा देना। उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल जाएगी। वह पटियाला भी गई। लेकिन उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। इस तरह से संस्थान के संचालकों ने उनके साथ बड़ी ठगी की है।
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जांच हो तो हो सकता है बड़ा खुलासा
इन विद्यार्थियों ने कहा कि इस संस्थान से करीब 1200 विद्यार्थियों को दाखिला देने की जानकारी मिली थी। एक विद्यार्थी को लगभग 1 लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिलनी है। यदि इन सभी की छात्रवृत्ति हड़पी होगी तो यह मामला करोड़ों के गबन का हो सकता है। इसलिए इस पूरे मामले की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

क्लर्क बैंक से निकलवा रहा है पैसे
वहीं जिले में स्थित एक अन्य नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने डीसी कार्यालय में भेजी शिकायत में कहा कि कॉलेज का एक क्लर्क एक या दो छात्राओं को गाड़ी में बैठा कर ले जाता है। वह उन्हें बैंकों में ले जाकर उनके खातों से छात्रवृत्ति की राशि निकलवा रहा है। करीब दर्जन भर छात्राओं की राशि वह निकलवा चुका है। जबकि यह गलत है। उनके परिजनों की जानकारी के बिना उन्हें इस तरह से ले जाना एवं उनके खातों से राशि निकलवाना गलत है। उनके सम्मान को भी ठेस पहुंच रही है। इसलिए इस क्लर्क के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

एक संस्थान द्वारा छात्रवृत्ति में गड़बड़ी संबंधी शिकायत संज्ञान में आई है। प्रारंभिक तौर पर मामला गंभीर नजर आ रहा है। इसीलिए इसे सुनवाई के लिए कष्टनिवारण समिति के एजेंडे में शामिल कर लिया गया है। साथ ही इस मामले की जांच एसडीएम को सौंपी गई है। दूसरी शिकायत के बारे में अभी पता नहीं है कि कार्यालय में पहुंची है या नहीं।
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डीसी, निखिल गजराज।
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