संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। वर्ष 2020 में विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने आरोपी जिला करनाल के गांव नीलोखेड़ी निवासी गौरव को जांच में शामिल किया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गांव काकौत निवासी जंगीर की शिकायत के अनुसार वह अपने बेटे अमन को दक्षिण कोरिया भेजना चाहता था। इस बारे में उनकी मुलाकात सांघन निवासी दीपक, दीपक की पत्नी व हाबड़ी निवासी सुनील कुमार से हुई। आरोपियों ने कोरिया भेजने के 10 लाख 50 हजार रुपये मांगे। उन्होंने आरोपियों को शुरुआत में पांच लाख रुपये दिए तो अमन को एक महीने में विदेश भेजने का आश्वासन मिला। बकाया राशि बाद में देनी तय हुई। 10-15 दिन आरोपियों ने कहा कि अमन का कोरिया का वीजा लग गया है।
आरोपी उनसे बकाया राशि भी ले गए। रुपये लेने के बाद आरोपी टालमटोल करने लगे और कई महीने बीत गए। 25 मई 2018 को कहा कि अमन का कोरिया की बजाय ताइवान का वीजा लगा है वहां से अमन को साउथ कोरिया भेजेंगे। ताइवान भी टूरिस्ट वीजा पर भेजा। जब आरोपियों से बात कि तो जवाब मिला कि ताइवान पहुंचने पर टूरिस्ट वीजा को वर्क परमिट में बदलवाना उनकी जिम्मेदारी है। एक महीने के बाद ताइवान पुलिस ने अमन को जेल भेज दिया। रुपये न होने की वजह से वे अपने बेटे को नहीं छुड़वा नहीं सके। दो महीने बाद अमन को भारत डिपोर्ट कर दिया।
उन्होंने आरोपी से रुपये मांगे तो वह टाल-मटोल करने लगा और रुपये देने से इंकार कर दिया। आरोपियों ने रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस बारे में थाना तितरम में मामला दर्ज था। प्रवक्ता ने बताया कि उक्त मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान खुलासा हुआ था कि आरोपी गौरव भी उक्त धोखाधड़ी के प्रकरण में शामिल था। आरोपी के खिलाफ आगामी कार्रवाई की जा रही है।