20-सीवन। गांव सौथा में लूट के बाद योगाश्रम कुटिया में बिखरा पड़ा सामान।
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कैथल। जिले के धार्मिक डेरों में लूट की वारदात नहीं थम रही है। चार महीनों में चार डेरों में डकैती और लूट की बड़ी वारदात हो चुकी है। खास बात यह है कि सभी वारदातों में टाइमिंग और पैटर्न एक सा रहा है। अधिकतर में पुलिस वाला बनकर या बताकर ही बदमाशों ने धावा बोला। फिर बंधक बनाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। अब एकबार फिर उसी अंदाज में हुई डकैती की वारदात से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों में नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि पूर्व में हुई वारदातों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है।
कैथल जिले में बुधवार की रात बदमाशों ने धार्मिक स्थलों पर चौथी वारदात को अंजाम दिया है। इससे पहले डेरा बाबा राजपुरी में 26 अप्रैल को महंत और सेवादार को बंधक बनाकर साढ़े आठ लाख रुपये की लूट हुई थी। वहीं गांव कठवाड़ में 29 मार्च को बदमाशों ने लूट की वारदात की थी, जब 85 हजार रुपये और आभूषण लेकर फरार हुए थे। इसके बाद चीका कस्बा के गांव डंडौता में बदमाशों ने धार्मिक डेरे को निशाना बनाया था। वहीं बुधवार की रात गांव सौथा स्थित योगाश्रम कुटिया में हुई डकैती की वारदात ने एकबार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है। वारदातों की जांच में यह बात सामने आई कि डेरे में लूटने वाले सभी बदमाश पुलिस की वर्दी में आ रहे हैं। इसके बाद डेरे के महंत व सेवादार को बंधक बना कर नकदी व आभूषण लूट कर ले जा रहे हैं। इससे पहले कई डेरों के सीसीटीवी कैमरे व डीवीआर भी लेकर बदमाश फरार हो चुके हैं।
डेरे में लाखों-करोड़ों की संपत्ति
जिलेभर में 80 के करीब डेरे हैं। एक-एक स्थलों पर लाखों-करोड़ों रुपये की संपत्ति है। इनमें खास तौर पर डेरा बाबा राजपुरी बात्ता, डेरा बाबा ठंडूनाथ कैलरम, डेरा बाबा पागल पीर खरक पांडवा, डेरा बाबा च्यवन ऋषि चौशाला, डेरा बाबा शीतलपुरी, पूंडरीक तीर्थ पूंडरी सहित अन्य नामी डेरे हैं।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य, एसपी ने जल्द गिरफ्तारी का दिया भरोसा
एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि लूट की वारदात की सूचना मिलने पर मौका मुआयना किया गया है। इसके बाद सीआईए की टीमों को भी जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही एफएसएल की टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।