संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। भारतीय सेना की इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स कोर से सेवानिवृत्त नायक हरिकेश बालू का शनिवार रात्रि को लंबी बीमारी के बाद 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। रविवार को उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बालू (रापड़िया पट्टी) में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया।
पूर्व सैनिक एसोसिएशन के सदस्यों ने स्व. हरिकेश बालू के पार्थिव शरीर को तिरंगे से ढककर उन्हें अंतिम सलामी दी। कैथल से पूर्व सैनिक कैप्टन नर सिंह ढुल के नेतृत्व में गांव पहुंचे एसएम खजान सिंह, रिसालदार कर्मवीर भाल, हवलदार राजेश ढुल, इंस्पेक्टर सोमदत्त शर्मा और एसएम रघुबीर सिंह ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
शव यात्रा में ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, ग्रामीण, परिजन व रिश्तेदार शामिल हुए। अंतिम संस्कार के समय कैप्टन नर सिंह ढुल ने दिवंगत सैनिक के पुत्र जसबीर सिंह को तिरंगा सौंपते हुए कहा कि यह ध्वज सदैव यह स्मरण कराएगा कि
उनके पिता ने देश की सेवा में योगदान दिया है। इसके बाद पुत्र जसबीर ने उन्हें मुखाग्नि दी।
पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन कैथल के प्रधान जगजीत फौजी ने बताया कि नायक हरिकेश बालू ने भारतीय सेना की ईएमई कोर में अपनी सेवाएं दीं और सेवानिवृत्त होने के बाद वह परिवार के साथ सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे थे। उनके परिवार में दो पुत्र और तीन पुत्रियां हैं।