शुक्रवार को भारतीय किसान संघ के बैनर तले नई अनाज मंडी में किसानों ने बारीक धान की कीमतों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद किसानों ने मार्केट कमेटी सचिव को ज्ञापन देकर सुनवाई करने की गुहार लगाई। किसानों ने इस दौरान मंडी का दौरा कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही मार्केट कमेटी कार्यालय में धरना दिया।
भारतीय किसान संघ के युवा प्रांत सचिव गुल्तान सिंह नैन व प्रदेश प्रवक्ता रणबीर आर्य फरल ने कहा कि जो धान पिछले साल 3700 रुपये से 4000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा था, वह आज 2000 व 2100 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। जिस कारण किसान परेशान हैं। आढ़ती, मिलर और एजेंसी की ओर से खरीदे जाने वाले धान में काफी अंतर किया जा रहा है। ई-नेम योजना को कागजों में ही दिखाया जा रहा है। वणिज्य एवं कृषि खाद्य प्रसंस्करण अथोरिटी ऑफ इंडिया भी किसानों व निर्यातकों के लिए कार्य नहीं कर रही। जिस कारण किसान बासमती, मूच्छल, 1121 व सरबती धान को पिछले सालों के मुकाबले लगभग आधी कीमतों पर बेचने को मजबूर है। किसान नेता रणबीर आर्य फरल ने कहा कि हरियाणा की मंडियों मे 21 से 30 अक्टूबर तक मार्केट कमेटी से गेट पास नहीं काटे, जबकि किसानों के लिए मंडी के गेट रजिस्टर में सीजन के समय 24 घंटे तक इंट्री की जाती है।
मंडियों में किसानों की खरीद बंद है और सरकार पराली जलाने के नाम पर किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है। जबकि मंडियों में उसकी खस्ताहाल की ओर कोई ध्यान नहीं है। इसके बाद किसानों ने पूरी अनाज मंडी का दौरा कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही सरकार से मांग करते हुए कहा कि किसानों को धान के उचित दाम दिए जाएं।