संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रदेश में जननायक जनता पार्टी को एक और झटका लगा है। अब कैथल के कलायत हल्का से 2019 में कलायत से जजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके पूर्व विधायक सतविंद्र राणा ने भी पार्टी छोड़ दी है।
वह करीब साढ़े चार साल पहले वर्ष 2019 में कांग्रेस से जजपा में शामिल हुए थे। पार्टी छोड़ने के लिए पूर्व विधायक सतविंद्र राणा ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय चौटाला को अपना इस्तीफा भेजा है। इसमें राणा ने पार्टी हाईकमान पर साढ़े चार साल के कार्यकाल में पार्टी नेताओं व जन प्रतिनिधियों को कोई तवज्जों न देकर सम्मान न देने की बात कही है। इसलिए वे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने जजपा पर सरकार में रहते हुए किसानों, मजदूरों, बेरोजगार नौजवानों और छोटे व लघु श्रेणी के व्यापारियों की भी घोर अपेक्षा करने का आरोप लगाया है। राणा ने पत्र में कहा कि अब उन्हें पार्टी अनधिकृत नेतृत्व और पार्टी के दिशा-निर्देशों के विपरीत महसूस हो रहा है। इसलिए उनका त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से माना जाए।
2019 में कलायत विधानसभा सीट से जजपा की टिकट पर लड़ा था चुनाव ः पूर्व विधायक सतविंद्र राणा पहले कांग्रेस पार्टी में थे, लेकिन 2019 में उन्होंने जननायक जनता पार्टी का दामन थाम लिया था।
सतविंद्र राणा कालका से भी दो बार चुनाव लड़ चुके हैं। 2009 और 2014 में कालका से चुनाव लड़ा था। राणा कांग्रेस पार्टी में 2007-2014 में प्रदेश महासचिव रहे है। वर्ष 1996 और 2005 में कैथल के राजौंद हलका से कांग्रेस की सीट पर विधायक बने थे।
उन्होंने राजौंद से 1991 और 2000 में भी चुनाव लड़ा था। सतविंद्र राणा मूल रूप से कैथल के गांव राजौंद के रहने वाले हैं। वर्ष 2014 में हुए परिसीमन में राजौंद कलायत हल्का में शामिल हो गया था। 2019 का चुनाव कलायत से जननायक जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे। वे इस दौरान तीसरे स्थान पर रहे थे।