संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश ने शुक्रवार को गांव उझाना में सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवा ग्रुप बनाकर सप्ताह में एक दिन श्रमदान कर अभियान में हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि डीसी प्रीति के मार्गदर्शन में जिला स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है और इसमें जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
राविश ने युवाओं से अपील की कि वे अपने गांवों में समूह बनाकर सप्ताह में कम से कम एक दिन श्रमदान अवश्य करें। उन्होंने कहा कि सबसे पहले घर की साफ-सफाई से शुरुआत करनी चाहिए, फिर आसपास फैली गंदगी को हटाकर उसे निर्धारित स्थान पर डालना चाहिए। घरों के सामने नालियों की सफाई और कूड़े को कूड़ेदान में डालने की आदत डालनी होगी।
उन्होंने कहा कि बच्चों को भी इस अभियान में शामिल करें ताकि उनमें छोटी उम्र से ही स्वच्छता की आदत विकसित हो। स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। स्वच्छ वातावरण न केवल बीमारियों से बचाता है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य भी सुनिश्चित करता है।
ग्रामीणों से संदेश दिया गया कि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखें, प्लास्टिक का उपयोग कम करें और सार्वजनिक स्थानों, अमृत सरोवर, फिरनी आदि की साफ-सफाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोई भी गांव कूड़े-करकट का ढेर दिखने वाला न हो और सभी ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक फ्री बनाने का लक्ष्य रखा जाए।
यहां-यहां की गई सफाई
स्वच्छता अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक कई सरकारी भवनों की सफाई की गई है – कैथल में 183, गुहला में 148, कलायत में 102, पूंडरी में 65, राजौंद में 54 और सीवन में 42 भवन शामिल हैं। इनमें स्कूल, आंगनवाड़ी, पीएचसी, सीएचसी, ग्राम सचिवालय, बस स्टैंड और वॉटर सप्लाई जैसी जगहें शामिल हैं।