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पेड़ों की कटाई न होने से अधर में लटका फोरलेन का निर्माण

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अंबाला रोड पर न्यू बाईपास से सिटी तक व जींद रोड पर तितरम मोड़ से शहर तक की खस्ताहाल सड़क की फाइलें सरकारी कार्यालयों में धूल फांक रही हैं और वाहन चालकों व लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन दोनों सड़कों पर रोजाना हजारों की संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है, लेकिन काम पूरा नहीं होने के कारण दोनों जगह वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासी इन सड़कों का जल्द से जल्द कार्य पूरा करवाने की मांग कर रहे हैं।
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22 करोड़ की लागत से फोरलेन होने वाले अंबाला रोड पर पेड़ नहीं कटने से रुका कार्य-अंबाला रोड पर बाईपास की दिल्ली पब्लिक स्कूल से लेकर शहर तक करीब चार किलोमीटर मार्ग की फोरलेनिंग लोक निर्माण विभाग द्वारा की जानी है। इसकी फोरलेनिंग के लिए विभाग की ओर से करीब 22 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इस कार्य के लिए सड़क के दोनों तरफ करीब दो हजार पेड़ों को काटा जाएगा। वन विभाग इन पेड़ों को इसलिए नहीं कटवा रहा, क्योंकि जो पेड़ कटेंगे उससे करीब चार गुना पेड़ इसकी प्रतिपूर्ति के रूप में लगवाने का नियम है। जिले में इन पेड़ों को लगवाने के लिए वन विभाग को जगह नहीं मिल रही, जिस कारण न तो अंबाला रोड बाईपास के दोनों तरफ के पेड़ कट रहे हैं और न ही इसकी फोरलेनिंग का कार्य शुरू हो पा रहा है।
खस्ताहाल है करीब 12 किलोमीटर लंबा जींद रोड-अंबाला रोड बाईपास चौकी से लेकर तितरम मोड़ तक जींद रोड की लंबाई करीब 12 किलोमीटर तक है। इस समय यह रोड एनएचएआई के अधीन है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो सड़क उनके अधीन आती है वे उसी पर कार्य करवा सकते हैं। अगर एनएचएआई इस रोड को उन्हें सौंप दे तो वे इसका निर्माण करवा देंगे, लेकिन इससे पूर्व एनएचएआई को इसकी रिपेयर करवानी होगी। ऐसे में इस सड़क का सुधार तभी हो सकता है, जब एक बार एनएचएआई इसे पीडब्ल्यूडी को सौंप दे। जब तक यह प्रक्रिया पूरी न हो यह समस्या भी ज्यों की त्यों बनी रहेगी।
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लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन कुलदीप चंद ने बताया कि विभाग अंबाला रोड की फोरलेनिंग करवाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्हें केवल वन विभाग द्वारा पेड़ों की कटाई होने का इंतजार है। इस संबंध में विभाग को अवगत करवाया गया है। जैसे ही पेड़ों की कटाई का कार्य पूरा होता है, इसका कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा जींद रोड पर वे तब तक कार्य नहीं कर सकते, जब तक एनएचएआई उन्हें कार्य नहीं सौंपेगी और निर्धारित नियमों और शर्तों को पूरा नहीं करेगी।
पौधे लगाने की जगह उपलब्ध होने पर की जाएगी मार्ग पर पेड़ों की कटाई-जिला वन अधिकारी राजीव तेजयन ने बताया कि विभाग पेड़ों को तो कटवा देगा, लेकिन काटे गए पेड़ों के स्थान पर उससे करीब चार गुना पौधे लगाने होंगे। उसके लिए उन्होंने अधिकारियों से बातचीत भी की है, लेकिन पौधे लगाने को जगह नहीं मिल रही। विभाग के उच्चाधिकारियों को भी इसके बारे में अवगत करवाया गया है। उनका प्रयास है कि जगह जल्द से जल्द मिल जाए ताकि वे कार्य शुरू कर सकें और लोगों को फोरलेन सड़क का लाभ मिल सके।
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