सरस्वती नदी के जुड़ी योजनाओं का दौरा करते सरस्वती बोर्ड वाइस चेयरमैन धुम्मन सिंह किरमच। स्वयं
कलायत। कपिल मुनि तीर्थ मेंं सरस्वती नदी को विकसित करने के लिए कुएं और घाट का निर्माण करते हुए जल संरक्षण योजना को क्रियान्वित किया जाएगा। यह जानकारी सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के वाइस चेयरमैन धुम्मन सिंह किरमच नेे कपिल मुनि तीर्थ के दौरे के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि प्राचीन कपिल मुनि तीर्थ में करीब 20 वर्ष से सरस्वती जल धारा के फूटने का सिलसिला जारी है। इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन मेंं विकास योजना तैयार की गई है। इसे जल्द धरातल पर उतारा जाएगा। इस प्रकार के तीर्थों को विकसित करते हुए हरियाणा प्रदेश को डार्क जोन से बाहर लाया जाएगा। एक योजना प्रदेश में जल के सही प्रबंधन का बड़ा आधार बनेगी। इसके माध्यम से जल को बचाकर सूखी धरती को रिचार्ज करते हुए डार्क जोन का संकट खत्म किया जाएगा। अलग-अलग स्तरों पर किए गए गहन अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ है कि हरी की भूमि की गोद मेंं जल तो है लेकिन जरूरत जल प्रबंधन की है। बारिश के पानी का संरक्षण नहीं होने से यह करोड़ों लीटर पानी बाढ़ के रूप में तबाही मचाता आ रहा है। इस संकट से बचाव का तरीका एक-एक बूंद को धरती में रिचार्ज करना है।
स्योंसर में 70 एकड़ में बन रहा रिजर्वायर
सरस्वती (स्योंसर) जंगल प्रोजेक्ट में सतोडा का जीर्णोद्धार किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से इसके लिए 5 करोड़ का बजट पास किया है। इसके माध्यम से पिहोवा तीर्थ का स्वच्छ जल स्योंसर जंगल में पशु-पक्षियों के लिए लाया जाएगा। सरस्वती की शाखा सतोडा में भी पानी का प्रवाह किया जाएगा। इससे जंगल में रिचार्जिंग व पशु-पक्षियों के लिए बड़े-बड़े रिजर्वायर बनाए जा रहे हैं। इस स्थान पर टूरिजम एक्टीविटी व सेमी सफारी शुरू करने का काम भी जारी है। वाइल्ड लाइफ सेंचुरी सरस्वती जंगल सरोवर स्योंसर में भी 70 एकड़ में एक रिजर्वायर बनाया जा रहा है, ताकि इस क्षेत्र के पशु पक्षियों को जल मिल सके और डार्क जोन ड्रोन खत्म हो।
सरस्वती नदी के जुड़ी योजनाओं का दौरा करते सरस्वती बोर्ड वाइस चेयरमैन धुम्मन सिंह किरमच। स्वयं