संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से रणनीति बनाई जा रही है। इसके तहत विभाग द्वारा अब जल्द ही शहरी व ग्रामीण इलाकों में फॉगिंग का कार्य शुरू करवाया जाएगा। इसके तहत शहरी क्षेत्र में नगर पालिका व नगर परिषद व ग्रामीण क्षेत्र में पंचायती विभाग फॉगिंग करवाएंगे।
यह जानकारी डेंगू व मलेरिया के जिला नोडल अधिकारी व डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. नीरज मंगला ने दी है। मंगला ने बताया कि जिले के तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ने और एंटी लारवा दवाई के छिड़काव के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं, ताकि मच्छर के लार्वा को नष्ट किया जा सके।
डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. नीरज मंगला ने बताया कि अब स्वास्थ्य विभाग ने बचाव कार्यक्रम के तहत जिले में 2 रेपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। इन टीमों की ओर से अब बचाव कार्य भी शुरू किया गया है। इसके तहत पिछले 15 दिन में अब तक 31 हजार घरों का सर्वे किया जा चुका है। वीहं, राहत की बात है कि अभी तक एक भी केस नहीं मिला है। बताया कि पिछले साल से कैथल जिला मलेरिया मुक्त है।
मंगला ने बताया कि शनिवार को ही सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने भी सभी स्वास्थ्य सुपरवाइजरों के साथ बैठक कर बचाव को लेकर सैंपलिंग बढ़ाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत लगातार कार्य शुरू कर दिया गया है। इस सीजन में अभी तक एक भी मलेरिया का केस नहीं मिला है।