संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार मलेरिया-डेंगू से बचाव के लिए मशक्कत कर रही है लेकिन दूसरी ओर अभी तक फॉगिंग नहीं की जा रही है। लोगों का कहना है कि फॉगिंग न होने से डेेंगू का प्रकोप बढ़ सकता है। गनीमत है कि अभी डेंगू के ज्याद मरीज नहीं मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शनिवार को जिलेभर के आठ हजार 682 घरों व दुकानों में डेंगू के मच्छर के लार्वा की जांच की। इस दौरान 16 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर डेंगू जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट सोमवार को आएगी। इस दौरान अलग-अलग टीमों को 18 जगहों पर डेंगू के मच्छर का लार्वा मिला। सभी संबंधित मालिकों को नोटिस दिया व साफ-सफाई को लेकर जागरूक किया।
अब तक 2151 संदिग्ध मरीजों के डेंगू के सैंपल लिए गए हैं। साथ ही अब तक 2026 जगहों पर डेंगू के मच्छर का लार्वा मिल चुका है। सभी को नोटिस दिए गए हैं। अब तक जिले में 12 लाख 95 हजार 76 घरों की जांच की जा चुकी है। जिले में डेंगू के सात केस मिल चुके है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नीरज मंगला ने कहा कि यदि पेट में दर्द, उल्टी या मल में खून आना, मसूड़ों या नाक से खून आना, बार-बार उल्टी आना या बहुत ज्यादा थकान या बेचैनी हो रही हो तो डेंगू हो सकता है। इससे बचाव के लिए घर के आसपास या घर के अंदर भी पानी न जमा होने दें।
यह भी समझाया कि कूलर में यदि पानी है तो उसमें केरोसिन तेल डालकर रखें। इससे मच्छर पनपने की संभावना कम हो जाती है। पानी की टंकियों को खुला न छोड़ें, अच्छी तरह ढक कर रखें।