डेंगू के डंक को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। बार-बार की मांग के बावजूद शहरों में फॉगिंग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। एक तरफ प्रशासन दावा कर रहा है कि शहरी एरिया में फॉगिंग शुरू हो गई है, वहीं स्वास्थ्य विभाग इसकी जानकारी से इंकार कर रहा है। जबकि इस बार समय से पहले ही लोगों के घरों, अस्पतालों में डेंगू का लार्वा मिल चुका है। वहीं ड्योढ़खेड़ी में संदिग्ध डेंगू से एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है।
प्रशासन का दावा है कि नगर परिषद के माध्यम से शनिवार से फॉगिंग कार्य शुरू करवा दिया गया है। लेकिन यह कहां से शुरू किया गया है? किस एरिया में पहले किया जाना है। किस एरिया में डेंगू का लार्वा ज्यादा है। इन सब बातों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ उसका कोई तालमेल नहीं हैं। हालांकि शनिवार को शहरों में फॉगिंग शुरू करवाकर बीच में दो दिन तक फिर से ग्रामीण एरिया में फॉगिंग की ड्यूटी लगाए जाने की जानकारी मिली है।
स्वास्थ्य विभाग ने नगर परिषद को दी हैं तीन मशीनें
स्वास्थ्य विभाग ने नगर परिषद को तीन मशीनें दी हैं। जिसमें एक बड़ी व दो छोटी मशीनें हैं। 6 कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी है। इसके बावजूद फॉगिंग के कार्य को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
जहां भी डेंगू के संदिग्ध मामले सामने आ रहे हैं, वहां टेस्ट किए जा रहे हैं। फॉगिंग करवाई जा रही है। विभाग ने तीन मशीनें नगर परिषद को दे दी हैं। छह कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी गई है। शहर में फॉगिंग कार्य शुरू होने की मुझे जानकारी नहीं हैं।
डा. देवेंद्र सिंह, डिप्टी सिविल सर्जन एवं मलेरिया अधिकारी
फॉगिंग हो रही है। शहर में नगर परिषद अधिकारियों को मशीन उपलब्ध करवा दी गई है। फॉगिंग के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए हैं।
रविप्रकाश गुप्ता, डीसी, कैथल।
शनिवार से फॉगिंग कार्य शुरू करवा दिया गया है। बीच में डीसी के निर्देशानुसार ग्रामीण एरिया में फॉगिंग हुई। वीरवार से शहर में फिर से फॉगिंग शुरू करवा दी जाएगी।
यशपाल प्रजापति, अध्यक्ष, नगर परिषद, कैथल।
एक अगस्त से शहर में फॉगिंग कार्य शुरू किया गया। जिसके तहत अर्जुन नगर, रामनगर, चंदाना गेट, सरगोधा कालोनी, मॉडल टाउन, सेक्टर 19 व 20 में फॉगिंग करवाई गई है।
रोशन लाल, सीनियर सेनेटरी इंस्पेक्टर
गांव ड्योढ़खेड़ी में टीम ने किया दौरा, रक्त के सैंपल लिए
कैथल। गांव ड्योढ़खेड़ी में संदिग्ध डेंगू से हुई व्यक्ति की मौत के बाद विभाग की टीम ने गांव का दौरा किया। करीब 57 घरों में जांच की गई। जहां डेंगू का लारवा नहीं पाया गया। वहीं लोगों के सेंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। डा. देवेंद्र सिंह ने बताया कि जिस अस्पताल में मरीज का ईलाज हुआ था, वहां से भी रिपोर्ट मंगवाई गई है। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही पता चलेगा कि उसे डेंगू था या नहीं।