संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कोहरे ने वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगा रखी है वहीं शीतलहर से जनजीवन बाधित है। दूसरी ओर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जल्द बारिश के आसार हैं।
शुक्रवार को दोपहर के समय जब हल्की धूप निकली, तो लोगों ने राहत की सांस ली। शहर के पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग धूप का आनंद लेते दिखाई दिए। उधर, शीतलहर और कड़ाके की ठंड के चलते लोगों की दिनचर्या पर गहरा असर पड़ा है। खासकर बुजुर्ग और छोटे बच्चे इस मौसम की चपेट में तेजी से आ रहे हैं।
डॉक्टरों के क्लीनिक में सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। ठंड के इस मौसम में समाजसेवी संस्थाएं भी सक्रिय हो गई हैं। गरीबों को सर्दी से बचाने के लिए गर्म कंबल का वितरण किया जा रहा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 16.1 व न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। इस दौरान पांच किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से शीतलहर चली।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के तहत अभी अगले दो दिन तक बारिश के आसार हैं। चिकित्सकों की सलाह है कि बुजुर्गाें और बच्चों का खास ध्यान रखने की बेहद जरूरत है। इसके अलावा पशुओं के आवास को ढक दें, ताकि ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचा जा सके।
शीतलहर से बचाव के लिए हिदायतें जारी
कैथल। शीतलहर के चलते शीत-घात से बचाव को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष हिदायत जारी की है। यह जानकारी डीसी प्रीति ने दी है। उन्होंने आम नागरिकों से शीतलहर व सर्दी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील भी की है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जरूरतमंद लोगों के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए है। बढ़ती सर्दी के दृष्टिगत एक ओर जहां नगर परिषद की ओर से जरूरत के समय रात्रि ठहराव के लिए सिरटा रोड पर स्थित महर्षि वाल्मीकि सामुदायिक केंद्र में रैन बसेरे में मुफ्त सुविधा प्रदान की गई है। वहीं, दूसरी ओर बस स्टैंड पर भी एक बस को अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि जहां जरूरत के समय लोग रात बिता सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों शीतलहर चल रही है। इसी के मद्देनजर हम सावधानी बरतकर शीत घात से बच सकते हैं। शीतलहर से बचाव के लिए इन बातों का पालन जरूर करें। शीत-घात से बचने के लिए मौसम पूर्वानुमान के लिए समाचार माध्यमों से मौसम संबंधित जानकारी लेते रहे। घर में ठंडी हवा के प्रवेश रोकने के लिए दरवाजों तथा खिड़कियों को ठीक से बंद रखें। लू, नॉक बहना जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना आमतौर पर ठंड में लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होती हैं इसलिए स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों या डॉक्टर से परामर्श करें।
उन्होंने बताया कि जितना हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचे। गर्म कपड़े पहनें। तंग कपडे खून के बहाव को रोकते हैं, इनसे बचें। शरीर की गरमाहट बनाए रखने हेतु अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढककर रखें। हाथों में दस्ताने रखें। सिर पर टोपी या मफलर पहने, स्वास्थ्यवर्धक भोजन लें। संवाद