संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जल शक्ति अभियान के तहत जिला कैथल की केंद्रीय नोडल ऑफिसर भूमिका वर्मा ने बुधवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल संरक्षण व जनभागीदारी पर फोकस रखें और तालमेल से काम करें।
भूमिका वर्मा ने कहा कि जल की एक-एक बूंद कीमती है। जिस प्रकार से जल का अत्यधिक दोहन हो रहा है, वह भविष्य के लिए गंभीर संकट बन सकता है। जल संचयन के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और जन जागरूकता अभियानों पर विशेष ध्यान देना होगा।
उन्होंने बताया कि जिले में गठित 82 जल सहेलियां सराहनीय कार्य कर रही हैं और इस पहल में और अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को लेकर सभी विभाग जैसे जनस्वास्थ्य, सिंचाई, शिक्षा, वन, कृषि एवं नगर परिषद आपसी समन्वय से कार्य करें।
भूमिका वर्मा ने सुझाव दिया कि जल सहेलियों को जल संरक्षण कार्यों में सक्रिय भागीदारी देने के साथ-साथ उनकी आय में वृद्धि के लिए भी योजनाएं तैयार की जाएं।
आज होगा प्री-मानसून दौरा ः जल शक्ति अभियान के अंतर्गत केंद्रीय नोडल अधिकारी भूमिका वर्मा 19 जून को विभिन्न गांवों का प्री-मानसून दौरा करेंगी।
बैठक में केंद्रीय जल आयोग के सहायक निदेशक संजीब मिश्रा, डीडीए डॉ. बाबू लाल, डीएचओ डॉ. हीरा लाल, एक्सईएन गुरविंद्र सिंह, निशांत बत्तान, नारायण दत्त, कर्णबीर सिंह, डॉ. कुलदीप सिंह, विक्रम सिंह, दीपक शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
वन विभाग को चार लाख पौधारोपण का लक्ष्य
बैठक में वन विभाग को जिले में 4 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही किसानों को भी पौधरोपण के प्रति प्रेरित करने पर बल दिया गया। पर्यावरण संरक्षण के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई।
विभागीय प्रगति रिपोर्ट पेश
जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश ने बताया कि जल शक्ति अभियान “जल संचय, जनभागीदारी और जनजागरूकता” को थीम बनाकर चलाया जा रहा है। इसी के अंतर्गत जिला परिषद द्वारा 1100 से अधिक सोखते गड्ढे बनवाए गए हैं, जबकि विभिन्न विभागों ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए हैं।