संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सेशन जज रितु वाईके बहल की अदालत ने फोन छीनने के एक मामले में दोषी को पांच साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
इस बारे में सुभाष चंद निवासी गांव खरौदी ने थाना चीका में 10 जून 2023 को धारा 379-ए और 483 आईपीसी के तहत मुकदमा नंबर 151 दर्ज करवाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी उप जिला न्यायवादी जसबीर ढांडा ने की।
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता सुभाष का बेटा साहिल 5 जून 2023 की रात करीब 8 बजे पटियाला से चीका आया था।
कैथल रोड पर दरविंद्र उर्फ पिंदी निवासी गांव सोगलपुर ने उससे सीवन जाने का रास्ता पूछा और उससे कॉल करने के लिए फोन मांगा। दरविंद्र ने साहिल से पूछा कि कहां जाना है और बोला कि मैं मुझे गांव पीडल उतार दूंगा। इस पर साहिल उसकी बाइक पर बैठ गया। थोड़ी दूरी जाकर उसने अपना कुरकुरे का पैकेट नीचे गिरा दिया और पैकेट को उठा कर लाने के बहाने साहिल को नीचे उतार दिया तथा उसका फोन लेकर फरार हो गया।
थाना चीका में यह केस दर्ज कराया गया था। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया तथा चालान बनाकर अदालत के समक्ष पेश किया। इस केस में कुल आठ गवाह एग्जामिन किए गए। सेशन जज रितू वाईके बहल की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद गवाहों और सबूतों के आधार पर अपने 14 पेज के फैसले में दरविंद्र सिंह को फोन स्नेचिंग का दोषी पाया और सजा सुनाई।