50निरीक्षण के दौरान जांच करती कृिष विभाग की टीम
कैथल। रविवार को कृषि विभाग को हरसेक ऐप से जिले में पराली जलने की पांच सूचनाएं प्राप्त हुईं हैं। दो बरटा, दो काकौत व एक गांव सजूमा की पराली जलाने की लोकेशन शामिल है। विभाग की टीम आज लोकेशन वाली जगह का दौरा कर आग की घटनाओं बारे जानकारी एकत्रित करेगी। अगर खेतों में आग लगी मिलती है, तो किसानों के खिलाफ विभाग के संबंधित अधिकारी की ओर से पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया जाएगा।
अब तक इस सीजन में विभाग को आग लगने की 37 लोकेशन मिल चुकी हैं, जिनमें से नौ जगह आग लगने की पुष्टि हुई है। अब तक विभाग किसानों पर 40,000 रुपये का जुर्माना लगा चुका है। विदित रहे कि पराली जलाने के मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में स्थिति बेहतर रही है। पिछले सीजन में 194 जगह आग जलाने की घटनाएं सामने आईं थीं। नौ नवंबर तक 168 मामलों में आग लगने की पुष्टि हो चुकी थी। उस समय 1,50,000 रुपये किसानों पर जुर्माना ठोका था और करीब 50 किसानों की गिरफ्तारी की गई थी।
अब तक जिले में लगभग 8,50,000 मीट्रिक टन पराली का प्रबंधन किया जा चुका है। इसमें से छह लाख मीट्रिक टन एक्स-सी-टू (बेलर से) और 2,50,000 मीट्रिक टन इन-सीटू (सुपर सीडर, एबमी प्लो, मल्चर मशीनों से) निपटाया गया है। विभाग ने 4,000 से अधिक मशीनें किसानों को अनुदान पर दी हैं, जबकि 742 कर्मचारी फील्ड में किसानों को पराली प्रबंधन के लिए जागरूक कर रहे हैं। संवाद