संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय के सभागार में शुक्रवार को उपायुक्त (डीसी) प्रीति की अध्यक्षता में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक खास नज़ारा देखने को मिला। सुनवाई से पहले ही पांच नई शिकायतों का समाधान हो चुका था। जब ये शिकायतकर्ता फिर भी अपनी समस्या बताने पहुंचे तो डीसी ने मुस्कराते हुए पूछा- “क्या आप समाधान से संतुष्ट हैं या फिर से जांच कराऊं?”
इन शिकायतों में एक मामला ऐसा भी आया, जिसमें नगर परिषद की जमीन को किसी समय सभा को उपयोग के लिए दी गई थी, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में अभी तक यह भूमि नगर परिषद के ही नाम दर्ज है। दरअसल, यह शिकायत संत गुरु रविदास सभा की धर्मशाला में जलभराव की समस्या से जुड़ी थी।
नगर परिषद ने बैठक से दो दिन पहले ही धर्मशाला परिसर से पानी निकासी के लिए मोटर लगाकर कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसके अलावा सेक्टर 19 में सोसायटी के गेट की मरम्मत, शहर में सीवरेज से जुड़ी दिक्कत और सेगा निवासी युवक की भाभी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवाने जैसी शिकायतों का भी समाधान पहले ही कर दिया गया। बैठक में कुल 14 शिकायतें आई थीं।
बैठक से पहले ही जिन शिकायतों का हुआ समाधान
केस नंबर : 01
प्रताप गेट कैथल स्थित संत गुरु रविदास सभा के प्रधान ने सभा के स्कूल प्रांगण में जलभराव की निकासी और मिट्टी भराव की मांग की। संबंधित विभाग ने बताया कि मोटर लगाकर पानी निकासी करवाई जा रही है। चूंकि भूमि नगर परिषद के नाम दर्ज है, इसलिए डीसी ने डीएमसी, तहसीलदार, ईओ और सभा प्रतिनिधि की एक कमेटी गठित कर भूमि की मलकियत और मिट्टी भराव को लेकर रिपोर्ट मांगी। साथ ही नगर परिषद अधिकारियों को स्कूल से पानी निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
केस नंबर : 02
सेक्टर 19 निवासी सुरेश कुमार ने सेक्टर का टूटा हुआ गेट लगवाने और गड्ढ़े भरवाने की शिकायत दी थी। अधिकारियों ने कार्रवाई कर समाधान कर दिया।
केस नंबर : 03
कैथल निवासी श्याम लाल व अन्य ने सीवरेज समस्या की शिकायत दी थी। विभागीय कार्रवाई से शिकायतकर्ता संतुष्ट पाए गए और मामला निपटाया गया।
केस नंबर : 04
पीडल गांव निवासी जयपाल ने खेत में ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन न मिलने की शिकायत की थी। विभाग ने कनेक्शन जारी कर दिया, जिस पर मामला सुलझा दिया गया।
केस नंबर : 05
सेगा निवासी संदीप कुमार ने शिकायत दी थी कि उसकी भाभी का मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा। सीएमओ ने प्रमाण पत्र जारी करने की जानकारी दी, जिसके बाद डीसी ने शिकायत का निपटान कर दिया।