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पहले दो दिन लूटा...फिर भी जी नहीं भरा तो जला दिया साहब...

Fri, 26 Feb 2016 11:13 PM IST
राजू जगत/कैथल
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करीब 11 साल की तक एक-एक रुपये एकत्रित करके मिठाई की दुकान बनाई थी। लगातार दो दिन तक प्रत्येक घंटे के बाद मेरी मेहनत की कमाई की लूटने की सूचना मिलती रही। सब कुछ लूट लिया। इस पर भी जी नहीं भरा तो दुकान में आग लगा दी। लुटेरे इतने नीच निकले कि गोशाला के लिए रखे दानपात्र को भी लूट ले गए।
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करनाल रोड बाईपास पर तबाही का मंजर दिखा रही दुकानें सुभाष सैनी की है। सुभाष सैनी ने बताया कि आरक्षण आंदोलन शुरू होते ही उन्होंने दुकानें बंद कर दी थीं। लेकिन 19 फरवरी को उनके पास सूचना आई की दुकान का शटर तोड़कर लूटना शुरू कर दिया है। पुलिस को सूचित किया। कोई कार्रवाई नहीं। इसके बाद फिर कुछ घंटो के बाद फिर सूचना आई की उसकी दुकान में फिर से कुछ लोग घुस गए हैं।

दुकान से सामान लेकर बाहर आ रहे हैं। उन्होंने कई बार 100 नंबर पर फोन किया। लेकिन 100 नंबर पर सूचना के बावजूद पुलिस ने उसकी बर्बादी को रोकने का प्रयास नहीं किया। इसके बाद 20 फरवरी को फिर से दुकान में लूट हुई। जिसके हाथ जो कुछ लगा वह वहां से ले जाता रहा। 20 फरवरी को दोपहर को सूचना मिली की उनकी दुकान में आग लगा दी है। आसपास के लोगों ने मुश्किल से आग पर काबू पाया। 21 फरवरी को दोपहर को फिर से उसकी दुकान पर हमला हुआ और दुकान फिर से आग के हवाले कर दी। जिसके बाद उसकी दुकान में कुछ नहीं बचा। देर शाम का फायर बिग्रेड की गाड़ी ने आग बुझाई। तब तक दुकान में कुछ भी नहीं बचा था।
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घर बैठा रहा अरमान जलते रहे
सुभाष सैनी ने बताया की तीन दिन तक अपनी बर्बादी की खबरें सुनता रहा। 72 घंटे तक एक पल भी आंख बंद नहीं हुई। मेरी पूरी जिंदगी की कमाई इन 72 घंटों में लुटेरों ने कई बार लूटी। सूचना के बावजूद पुलिस का कुत्ता तक देखने के लिए नहीं आया।

2.30 पर रुक गई बर्बादी की घड़ी
दुकान में एक घड़ी लगी हुई थी। जो 2 बजकर 30 मिनट पर आग लगने के बाद रुक गई थी। आज भी उस घड़ी में रुका  हुआ समय 2.30 मिनट है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है 2 बजकर 30 मिनट पर उसकी पूरी मेहनत जल कर राख हो गई थी।
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