संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। स्वयं और दूसरों के जीवन की सुरक्षा के लिए फर्स्ट एड और सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण बेहद उपयोगी साबित होता है। यह विचार गांव हजवाना की सरपंच शालू ने व्यक्त किए। वह गांव में आयोजित फर्स्ट एड प्रशिक्षण शिविर के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थीं।
सरपंच शालू ने कहा कि आज का दौर ज्ञान और जागरूकता का है। विज्ञान के विकास ने जहां जीवन को सुविधाजनक बनाया है, वहीं जिम्मेदारियां भी बढ़ा दी हैं। ऐसे में युवाओं को परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए और जीवन रक्षक कौशल सीखने चाहिए। उन्होंने बताया कि गांव हजवाना में सेंट जॉन एम्बुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन, जिला शाखा कैथल की ओर से फर्स्ट एड व रोड सेफ्टी कंडक्टर लाइसेंस प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण में गांव व आसपास के करीब 30 युवा भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक दिया जाएगा, जिसमें कुल 16 घंटे का कोर्स पूरा कराया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी कंडक्टर लाइसेंस के लिए भी आवेदन कर सकेंगे। सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र कुमार और समाजसेवी महावीर सिंह ने कहा कि गांव में इस प्रकार के उपयोगी और रोजगारपरक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होना गर्व की बात है। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण राज्य व केंद्र सरकार की ‘नेशन पैरामाउंट मिशन’ तथा ‘सुरक्षित समाज–सुरक्षित भारत’ योजना के तहत आयोजित किया जा रहा है। शिविर का आयोजन धुहन पैलेस स्थित सामुदायिक केंद्र में किया गया है। समाजसेवी प्राध्यापक गुरबीर सिंह ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के लिए नए अवसर खोलते हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करते हैं।
इस अवसर पर विशाल कौशिक, महावीर सिंह, पंच नरेश कुमार, मोनू राम, कविता देवी, सतबीर सिंह, गीता, अनिल कुमार, नंबरदार सतपाल सिंह, ईशम सिंह, बलजिंदर सिंह, विक्रम सिंह तथा चौकीदार बिंटू राम आदि उपस्थित रहे।