संवाद न्यूज, एजेंसी
कैथल। मुख्य दमकल केंद्र में शुक्रवार को अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार, वर्षों से विभाग में कार्यरत फायरमैन और फायर चालकों पर सर्विस सिक्योरिटी पोर्टल के माध्यम से कौशल रोजगार निगम प्राइवेट लिमिटेड में जाने का दबाव बना रही है।
राज्य प्रधान राजेंद्र सिणद और महासचिव गुलशन भारद्वाज ने बताया कि हरियाणा-पंजाब उच्च न्यायालय के 31 दिसंबर के फैसले के बावजूद सरकार कर्मचारियों को नियमित करने की बजाय प्राइवेट कंपनी में भेजने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि यह न केवल कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है बल्कि न्यायालय के आदेशों की खुली अवहेलना भी है।
बैठक में कर्मचारियों ने यह भी कहा कि प्रदेश के दमकल कर्मचारी न्यूनतम वेतन में, अपनी जान जोखिम में डालकर आग जैसी आपदाओं से जनता की सुरक्षा कर रहे हैं।
पिछले चार वर्षों में सरकार ने उनका वेतन नहीं बढ़ाया। इसके अलावा सभी पे-रोल फायरमैन व फायर चालक 2016 के सर्विस रूल के तहत सृजित फायर ऑपरेटर पद की सभी योग्यताएं पूरी करते हैं, फिर भी उन्हें विभागीय पदों पर नियुक्त नहीं किया जा रहा।
फायर कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उन्हें नियमित नहीं किया और कौशल रोजगार निगम में जाने का दबाव जारी रखा, तथा समान काम के लिए समान वेतन नहीं दिया, तो 12 फरवरी को ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल में दमकल कर्मचारी सक्रिय भाग लेंगे।
बैठक की अध्यक्षता नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा शाखा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के प्रधान पिरथी इंग ने की, जबकि संचालन जिला सचिव जयप्रकाश ने किया। इस अवसर पर मुख्य दमकल केंद्र, गुलाब सतबीर, अमित सुल्तान और शमशेर गोविंद दमकल केंद्र के फायर कर्मचारी भारी संख्या में उपस्थित रहे।