संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। पिछले सात साल से अधूरे पड़े भगवान परशुराम सामुदायिक केंद्र में अज्ञात लोगों ने आग लगा दी। आग से फाल्स सीलिंग जलकर राख हो गई। जिम्मेदार अधिकारी का कहना है कि सोमवार को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
इस सामुदायिक केंद्र की सौगात 13 अगस्त 2016 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कलायत में 1.80 करोड़ रुपये के बजट से बनने वाले समुदाय केंद्र की घोषणा की थी। 2018 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। नगर पालिका कार्यकारिणी ने सामुदायिक केंद्र का नामकरण भगवान परशुराम के नाम पर किया। तब से लेकर आज तक छह वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी सामुदायिक केंद्र का निर्माण कार्य अधूरा ही है। स्थिति इस कदर खराब हो गई है कि अब तक बन चुका भवन खंडहर-सा हो चुका है। निर्माण कार्य पूरा नहीं होने की वजह से सामुदायिक केंद्र लोगों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रहा है। हालात ये हो गए हैं कि यह भवन शराबियों और नशेड़ियों की शरणस्थली बन गया है क्योंकि यहां पर न कोई चौकीदार है और न कोई देखरेख करने वाला। इसी का ही परिणाम है कि नशेड़ियों ने पास की कबाड़ी की दुकान से तारों का बंडल चुराया और वीरान पड़े सामुदायिक केंद्र में आकर तार निकालने के लिए उसे जलाया। तार के जलने से जो आग की लपटें उठीं उन्होंने एक कमरे की पूरी फाल्स सीलिंग को जला कर रख दिया और कमरा पूरी तरह से जल गया।
नगर पालिका के पूर्व पार्षद रणबीर धनिया ने बताया कि पहले ठेकेदार घाटे में बोली देकर ठेका ले लेते थे और बाद में रिवाइज बजट के नाम पर भ्रष्टाचार होता था। पर अब सरकार द्वारा बनाए गए नियम के आधार पर अधूरे पड़े निर्माण कार्य में रिवाइज बजट के नाम पर 10 प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ाया जाएगा। इस सामुदायिक केंद्र के लिए अब नए सिरे से टेंडर लगाने की जरूरत है ताकि सामुदायिक केंद्र का अधूरा काम पूरा हो सके।
इस मामले में नपा में तैनात कनिष्ठ अभियंता संजीव धीमान ने बताया कि आज तो रविवार था। सोमवार को कार्यालय खुलने के बाद पुलिस में मामला दर्ज करवाया जाएगा। बताया कि यह शरारती व नशे के गुलाम युवाओं का कारनामा है। नुकसान का आकलन करके इसका एस्टीमेट दुबारा बना कर सरकार को भेजा जाएगा।
धीमान ने कहा कि तकनीकी टीम के साथ सामुदायिक केंद्र के अधूरे निर्माण की समीक्षा में सामने आया कि पूर्व में प्राथमिक चरण मेंं योजना के लिए जो प्रारूप तैयार किया गया था वह प्रोजेक्ट के अनुसार नाकाफी था। इससे यह भवन खंडहर में तबदील हो गया।
नगर पालिका सचिव पवन कौशिक ने बताया कि तकनीकी विंग भगवान परशु राम सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य को सिरे चढ़ाने के लिए प्रयासरत है। इसका थ्री डी प्रारूप तैयार कर शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजा जा चुका है। राशि जारी होने के बाद दो करोड़ के बजट से यह योजना सिरे चढ़ेगी। तब भवन को उपयोगी बनाते हुए जन सुविधा का लाभ आम जन को मिलेगा।